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Author: कमलेश यादव

कमलेश यादव
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जन्म:- लोरमी,छत्तीसगढ़(भारत) शिक्षा- नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नॉलजी रायपुर, छत्तीसगढ़ से कम्प्यूटर टेक्नॉलजी में स्नातकोत्तर। सम्राट अशोक टेक्नॉलजी कॉलेज विदिशा (म प्र) से कम्प्यूटर साइंस में स्नातक। स्थान- न्यूयॉर्क, यूएसए कार्यक्षेत्र- ९ वर्ष तक कालेज अध्यापन अब स्वतंत्र लेखन। ब्लाग लेखन। गीत, गजल, दोहे, सवैया, हाइकु,छंदमुक्त, कहानी और व्यंग्य विधाओं में सक्रिय। कृतियाँ- कविता संग्रह- अब मैं मन का करतीं हुँ चलो फिर एक बार कुछ बचा है हमारे बीच दिन

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

कुछ शब्द~१४

(१) तेरी रिफ़ाक़त की ख़्वाहिश लिए जीते है अगर ये पूरी हो जाए [...]

एक प्याली चाय

एक प्याली चाय और दोस्तों का साथ दूर कर देती है दिन भर की [...]

कुछ शब्द ~१४

(1) तेरे प्यार में मौक़ूफ़ बैठे थे आँख बंद किये आँख खोली तो [...]

कुछ शब्द~१३

(१) तुम ढूँढते रहे ख़ुद को मेरी कविता में तुम बसे थे [...]

आज का समाज लोकप्रियता का…

आज का समाज लोकप्रियता का... ------------------------------- "लोग करते है जिसे उस [...]

माँ…(मातृ दिवस विशेष)

माँ... इस एक शब्द में मैं हुँ और है माँ आत्मा और परमात्मा में [...]

कुछ शब्द~११

(१) हर शाम ले आती है याद तेरी तू नहीं आता किसी एक शाम (२) मैं [...]

हाइकु

हाइकु :- (१) माँ की लाडली गयी नये घर में पाले लाडली (२) नहीं [...]

कुछ शब्द~१०

मैंने माँगी थी थोड़ी-सी ख़ुशी तुमने ग़मों से भर दी [...]

फिर एक बार

चलो फिर एक बार बीतें कल को जीते हैं, कुछ बोलते बतियाते [...]

ज़िंदगी की दौड़

ज़िंदगी की दौड़ ----------------------- ज़िंदगी की दौड़ कैसी है, ये कैसी [...]

सपनों की ताक़त (मज़दूर दिवस पर)

सपनों की ताक़त ------------ समय चुपचाप खड़ा है, देख रहा [...]

कुछ शब्द~९

(१) तू मुझसे ना अब कोई गिला रख टूटे हुए रिश्तों से ना आसरा [...]

कुछ शब्द~८

(1) बरसात है, चाँदनी है, फ़िराक़ सहे कैसे। तुम्हीं से मिला [...]

यादें~३

आज पूछतीं हुँ सपने से आज पूछतीं हुँ तुमसे क्या तुम्हें याद [...]

यादें~२

आज पूछतीं हुँ सपने से कहाँ थे तुम कहाँ खो गये थे दुनिया की इस [...]

यादें~१

यादें ---------- (१) आज अचानक देखी पुरानी किताब में संजोकर रखी [...]

कुछ शब्द~८

(१) क्यूँ हर शाम अब सुनी-सी है? कभी जहाँ हम साथ हँसा करते [...]

कुछ शब्द~७

(१) मरकज़-ए-दिल में हुँ, मुझे बाहर ना कर तलाश। साथ तब भी हुँ जब [...]

कुछ शब्द~६

(१) मन को खाली कर देना अच्छा होता है कोई समझे या ना समझे कह [...]

रून-झुन

रुन-झुन रुन-झुन ---- रात के गुन तू बना अपनी धुन कोई सुने या [...]

कुछ शब्द~५

(१) एक चाह थी फलक की कभी वो तवक़्क़ो अभी भी बाक़ी [...]

कुछ शब्द-४

(१) ‪तेरे प्यार के घेरे में, एक बार क्या आये‬ फ़िर कभी हमें, [...]

कुछ शब्द-३

(१) बड़े व्यस्त हैं सभी, ज़िंदगी के मेले में वक़्त नहीं, अपने [...]

मैं मन का करतीं हुँ

मैं मन का करतीं हुँ -------------- मैं बेपरवाह, ख़ुशी में नाचना [...]

कुछ बचा है हमारे बीच

कुछ बचा है हमारे बीच ------------------------ सबकुछ ख़त्म नहीं हो गया [...]

यह जीवन

यह जीवन ------- ये अनजानी राहें, कुछ ढूँढता हुआ मन कुछ पाने की [...]

कुछ शब्द-२

(१) एक चाह थी फ़लक की कभी। वो उम्मीद अभी भी बाक़ी हैं।। (२) इन [...]

कुछ शब्द

(१) ‪शफ़क-ए-शाम आसमाँ में अभी भी हैं।‬ तेरे इंतज़ार में बैठा [...]

कुछ शब्दों में

(१) जाने कौन सा किरदार निभाने को आए कब जाने जीवन की शाम हो [...]