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Author: Neelam Ji

Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

विधाएं

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मुक्तक (4 Posts)


* मुक्तक *

अंत ही आरम्भ है नई शुरुआत का । चलते रहो बेख़ौफ़ डर किस बात का [...]

** मतलबी लोग **

हमें नफरत है उन लोगों से , जो झूठा दिखावा करते हैं । जुबाँ पर [...]

** माँ **

जब से होश संभाला मैंने , माँ तुमको ही जाना है । दुनिया चाहे जो [...]

*आँसू*

जब भी आँख से बहते आँसू । दिल की व्यथा कहते आँसू ।। कभी दर्द [...]