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Author: Neelam Sharma

Neelam Sharma
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

ख़फा ख़फा।

रद़ीफ- ख़फा ख़फा। हवाएं भी ख़फा ख़फा फिजाएं भी​ख़फा [...]

रिश्ते

रिश्ते कुछ हैं ख़ून के तो कुछ खुद ही बनाए रिश्ते। बात ख़ास [...]

नहीं जाता।

कुछ रिश्ते साथ होकर भी,याद नहीं आते कुछ दूर हो फिर भी, भुलाया [...]

नहीं मिले।

रद़ीफ़- नहीं मिले। क्यों इक हसीं ख्वाब सी है, किताब [...]

यादों की तितलियां

उड़ गई देख बनकर वो सब तितलियां यादें जो जुगनू बन चमकती थी। बस [...]

जब शब्द बनते हैं तेरी यादों के रंगी तितलियां।

तेरी यादों के कुछ रंगीं लम्हे होकर के शब्द भी उड़े बनकर [...]

मानव और विज्ञान

लघुकथा- मानव और विज्ञान दादा जी बहुत बेसब्री से गर्मी की [...]

चाहत

कभी बेरंग गुज़री है कभी बेज़ार गुज़री है तेरी ही चाहतों के [...]

आशा

आशा कुछ और नहीं सुन ,मेरे हिय, बस तुमसे मिलने की आशा है , हाँ [...]

पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण पर मुक्तक कर ऐसा तू कृत्य मनु, वसुधा पर छाये [...]

गज़ल

मिसरा- मेरी चाहत के सांचे में पिघल जा। काफ़िया-पिघल [...]

गज़ल

मिसरा- जब बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूं करें [...]

अरमान

अरमान (मुक्तक) तुम्हें पाया तो यूं लगा,जिंदगी का अरमां मिल [...]

हाइकु

हाइकु (१) ठूंठ हो गई गुलज़ार जिंदगी वृक्ष न काटो। (२) [...]

तेरे लिए

तेरे लिए। आ नव बसंत खिलादूं, मैं सजनी तेरे लिए। खुशियां [...]

अश्क

अश्क क्या सुप्त मन की छिपी वेदना हैं ये अश्क तेरे।क्यों [...]

मुक्तक

मुक्तक १) सकारात्मकता को बीज बनाकर तू सींचदे,मन वसुधा पर [...]

चांद

हाइकु चांद बुढ़िया माई है चरखा कातती चांद पे देखो। रात [...]

अहसास लिखूं।

अहसास सोच ​रही हूं आज पिया मैं तुम पर एक उपन्यास [...]

गज़ल

मिसरा-आप मेरी जिंदगी बन जाइए। सुनकर मेरी बात मंद मंद न [...]

सच्चा सुख ।

सच्चा सुख......?? "मालिनी आजकल बहुत परेशान रहती है और उसका [...]

अंगड़ाई

अंगड़ाई १) क्यों हुई गुलाबी सुरमई पुर्वा यह बात समझ न [...]

व्यापारी राजा

व्यापारी राजा! हे भारतीय मन मेरी बात ध्यान से सुनना। चाहिए [...]

शुभ्र कपोत

हे शुभ्र गौर, श्वेत,अमल रंग कपोत, वलक्ष, शुक्ल,अवदात [...]

गज़ल

२५/५/१८ मिसरा- हमसे ऊंची उड़ान किसकी है। क़ाफ़िया- किसकी ( [...]

गज़ल

आज का हासिल मिसरा- तुम हकीकत नहीं हो हसरत [...]

यादों का सफ़र।

यादों का सफ़र यादों का तेरी इस कदर छाया उन्माद है, वो मीठी [...]

क्यों मेघ ये बरसते हैं।

बादल देखो मेघ घन,जलधर,वारिद, की आंखों से क्यों आंसू [...]

प्रेम

प्रेम विद्या- छंद मुक्त तेरे हृदय प्रेम का प्याला, अब तक [...]

कारवां जिंदगी का।

कुछ इस तरह बढ़ता रहा कारवां जिंदगी का, न तुमने याद किया और न [...]