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Author: Neelam Sharma

Neelam Sharma
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विधाएं

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कविता (72 Posts)


प्रश्न चिन्ह

प्रश्न चिह्न? मैं कहाँ खड़ी हूँ? एक पथ है दो राहों का जिससे [...]

दी है

ज़ुबां पर बंदिशें देखो, नीलम तुमने ही लगा दी हैं, हां,चाहत में [...]

कमी सी है

सुन, कुछ कमी सी है,आंखों में भी नमी सी है। समय निकला जा रहा [...]

एहसास

प्रेम का एहसास है कुछ खास समझ लेता है हृदय नयनों की भाष। कुछ [...]

पम्मी आंटी

(2) पम्मी आंटी सिर टोवल दा एवरेस्ट बना आई पम्मी आंटी मैं [...]

हिंदी

हिंदी लाचारी और व्यंग दिखता है नयनों में, चिंतन को ह्रदय हुआ [...]

सिंदूर

सुन, नहीं चाहती कभी निकलना जन्म जन्मान्तर तक मैं प्रिय। बस [...]

बस यूं ही

कुछ यूं ही....... सुन,शोर से अधिक मुझपर, एकांत का असर होता है। वो [...]

हँसता डॉलर रोता रुपया .

हँसता डॉलर रोता रुपया . . . . . . जहाँ मँहगाई और डॉलर ने यूथ का [...]

दर्पण हूं मैं

इतना प्यार भरा हृदय में,तू ही बता मैं तोलूं कैसे खामोश दर्पण [...]

मज़ाक

उन्वान- मज़ाक १) देखो हंसी मज़ाक में ये क्या हो गया। बाराती [...]

करुण रस

है बैठी भू,वसुधा,अति सुन्दरी भावुक और [...]

कविता

चाहो उड़ालो हमारी हसीं,हंसता हर पल छोड़ जाऊंगा। सुन मैं तो [...]

मेरा वतन

मेरा वतन गा रहा जयगाथा जन गण और वंदेमातरम,मेरा वतन। छा रहा नव [...]

माखन चोर

क्यों मैया मुझे माखनचोर सब कहते? मैं चोरी नहीं करता। थोड़े [...]

कृष्ण

हे वासुदेव केशव सर्वपालक तुम्हारा क्या मैं अर्थात [...]

कृष्ण

हे वासुदेव केशव सर्वपालक तुम्हारा क्या मैं अर्थात [...]

स्वाभिमान

स्वाभिमान को मारकर जीना यह न तुम स्वीकार् करो ओरों के उपकार [...]

चांद

अनंत अपार नीले अंबर में में देखो चंद्रमा रह रहा। बादलों संग [...]

जन्नत

कहां ढूंढता मानव तू ,उक़बा, ख़ुल्द,बहिश्त और [...]

गज़ल

निवेदन, गुज़ारिश, इल्तज़ा हैं अद्भुत,अद्वितीय प्रयास [...]

कल्पना

अकल्पनीय स्वर्णिम कल्पना मेरे इंद्रधनुषी रंगें ख्वाब [...]

आया करो

हे मुरलीमनोहर, केशव,गिरीधर ऐसे न हमको सताया करो। लुका छिपी [...]

बाज़ार

बाज़ार प्रीत रही नहीँ शेष यहां पर कामुक हुआ श्रृंगार, बात [...]

कविता

वाह री कुदरत क्या खूब रची मानव की सुसंरचना कुशाग्र बुद्धि और [...]

फूलों की बगिया

मदहोश दिवाना हुआ भंवर,अलि मधुकर है बवराया देख कोंपले​ बगिया [...]

आवाज़ का आगाज़

घोष,ध्वनि,नाद,बन धड़कन, गूँजती साँसों में मधुर तेरी याद [...]

लम्हें

लम्हे पल घड़ी बहुत ढूंढा बहुत खोजा रूठे लम्हों को जो रेत की [...]

झूले

देख प्रिय झमाझम मेघ बरसते,सावन के झूले पड़े हैं। छम छमाछम [...]

मन मयूर

देखो नाचता मन मयूरा, हैं पंख छितराये, मेरा पंख फैलाने को जी [...]