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Author: Neelam Sharma

Neelam Sharma
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

दीप

आलोक के अर्थात् का,दीप के दिव्यार्थ का। तम से नव प्रकाश का, [...]

धनतेरस

धनतेरस है आ रहा ,छाया उर उल्लास, रिद्धि सिद्धि पावेंसभी,होवे [...]

करवाचौथ

करवाचौथ सुनो,चाँद,विधु,सुधाकर,कलानिधि, निशापति, शशांक। तुम [...]

उपेक्षा

उपेक्षा अनदेखी,अनवेक्षा,अवज्ञा,सब हैं,उपेक्षा कीसहेली [...]

कविता

प्रत्येक जीव से पूछ रहे, क्या खग मृग मधुकर श्रेनी जो बसती मम [...]

वक्त

बांध कर घड़ी कलाई पर,भ्रम देखने का जिसको है। समय, वक्त और काल [...]

कविता

जो छाया सफलता का तुझपे सुरूर है संभलकर दिवाने कदम आगे [...]

निकलता है

सुन, हृदय हुआ जाता है मृत्यु शैय्या, नित स्वप्न का दम निकलता [...]

कविता

सनम ग़म बहुत हैं दर्द-ए-दिल में रहती है सुनो टीस बहुत, है आह [...]

प्रश्न चिन्ह

प्रश्न चिह्न? मैं कहाँ खड़ी हूँ? एक पथ है दो राहों का जिससे [...]

दी है

ज़ुबां पर बंदिशें देखो, नीलम तुमने ही लगा दी हैं, हां,चाहत में [...]

कमी सी है

सुन, कुछ कमी सी है,आंखों में भी नमी सी है। समय निकला जा रहा [...]

एहसास

प्रेम का एहसास है कुछ खास समझ लेता है हृदय नयनों की भाष। कुछ [...]

पम्मी आंटी

(2) पम्मी आंटी सिर टोवल दा एवरेस्ट बना आई पम्मी आंटी मैं [...]

हिंदी

हिंदी लाचारी और व्यंग दिखता है नयनों में, चिंतन को ह्रदय हुआ [...]

सिंदूर

सुन, नहीं चाहती कभी निकलना जन्म जन्मान्तर तक मैं प्रिय। बस [...]

मुक्तक

💔💔 तड़पनें दो दिलों की,सनम सिसकियां याद रखती हैं मधुर [...]

बस यूं ही

कुछ यूं ही....... सुन,शोर से अधिक मुझपर, एकांत का असर होता है। वो [...]

हँसता डॉलर रोता रुपया .

हँसता डॉलर रोता रुपया . . . . . . जहाँ मँहगाई और डॉलर ने यूथ का [...]

दर्पण हूं मैं

इतना प्यार भरा हृदय में,तू ही बता मैं तोलूं कैसे खामोश दर्पण [...]

गणपति

रिद्धि सिद्धि स्वामी सुनो भरिय सुख संसार। मात-पिता पूजन [...]

मज़ाक

उन्वान- मज़ाक १) देखो हंसी मज़ाक में ये क्या हो गया। बाराती [...]

गज़ल

इतना प्यार भरा हृदय में,तू ही बता मैं तोलूं कैसे खामोश दर्पण [...]

गज़ल

बहुत दिनों बाद, आप सभी को सादर प्रणाम एवं सादर प्रेषित एक [...]

अनुप्रास अलंकार

सादर प्रेषित हर पल घटता झीना झरना सम, जीवन जल है। शनै:शनै: [...]

करुण रस

है बैठी भू,वसुधा,अति सुन्दरी भावुक और [...]

इनायत

इनायत,अनुग्रह,सच्ची कृपा, उपकार,दया,मेहरबानी हैं बहुत [...]

कविता

चाहो उड़ालो हमारी हसीं,हंसता हर पल छोड़ जाऊंगा। सुन मैं तो [...]

मेरा वतन

मेरा वतन गा रहा जयगाथा जन गण और वंदेमातरम,मेरा वतन। छा रहा नव [...]

हे कृष्ण तुम कहां हो

सादर प्रेषित स्वरचित पिताजी अखबार की खबरें पढ़ते हुए [...]