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Author: Naval Pal Parbhakar

Naval Pal Parbhakar
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

पंख लग जाते

पंख लग जाते फूलों ने रंग धार लिया मन में उमंग है मेरे, पास [...]

ऐसा जीवन

ऐसा जीवन फूलों की भांति खिलता हुआ समीर की भांति बहता [...]

तेरी आंखे

तेरी आंखें तेरी आंखों की क्या तारीफ करूं । ये हैं गहरी झील [...]

पंख लग जाते

पंख लग जाते फूलों ने रंग धार लिया मन में उमंग है मेरे पास [...]

जुगनूओं की रजाई

जुगनूओं की रजाई घर खुली जगह छत, पूरा आसमान सोने को हरी-भरी [...]

काले बादल

काले बादल आज फिर से मेघ काले नाग से घिर-घिर हैं आने [...]

गर्मी

गर्मी तन ये सारा फूंक दिया मन मेरा झकझोर दिया गिराकर ऐसे [...]

बकवास कल्पना

बकवास कल्पना दूर कहीं दूर गर्मी की दोपहर में किसी निर्जन [...]

गीत गाया पत्थरों ने

गीत गाया पत्थरों ने मैं जब चला यहाँ से मिला धोखा ही धोखा [...]

एक बस तुम ही

एक बस तुम ही मेरी बैषाखियां बन कर मुझे सहारा देने वाली [...]

पानी

पानी हाँ मैं मानता हूँ देखने में मेरी हस्ती क्या है कुछ [...]

राधा झूले

राधा झूले अहो ग्वाल भईया कहियो बरसाणा बाबुल से जाय। भेजो [...]

मेरा जीवन

मेरा जीवन खेत की पगडंडियों पर उगी हुई हरी घास पर पड़ी हुई [...]

गरीब की आंखें

गरीब की आँखें मलिन सा चेहरा गिरती उठती हौले-हौले तन पर फटे [...]

बारिश

बारिश उदक फुदक-फुदक कर , छन-छन-छनकता हुआ, [...]

बीती बातें

बीती बातें आज जब मैं अपने पुराने दिनों की यादें ताजा करने [...]

देश का भविष्य

देश का भविष्य एक युवा अधेड उम्र शख्श अपनी पत्नी बच्चों सहित [...]

नौ कन्या

नौ कन्या आज सुबह ही बीवी ने मेरी मुझे धंधेड़ा और उठाया [...]

हवा की आवाज

*हवा की आवाज* पंखे की तेज हवा से सुबह के सुनसान मंजर में [...]

बीती बातें

बीती बातें बहुत दिनों के बाद आज गांव की याद आने लगी हैं। काम [...]

रास्ते का पेड़

रास्ते का पेड़ अनगिनत मुसाफिर आए इस रास्ते से मैं उन्हें [...]

सजी धरा

सजी धरा आज धरा सजी संवरी सी मिलने चली प्रियतम से छिडक़ [...]

बीती बातें

बीती बातें बहुत दिनों के बाद आज गांव की याद आने लगी हैं। काम [...]

शादी

शादी आजकल शिक्षा इतनी महत्वपूर्ण हो गई है कि उसके बिना तो [...]

नींद कोसों दूर

नींद कोसों दूर आज मैं, अपने घर के उसी पुराने चौक में खाट के [...]

धूप

धूप बहुत दिनों के बाद आज फिर सजधज कर सुन्दर बाला, बैठ गई है [...]

स्त्री

स्त्री महिला सशक्तिकरण, अबला नारी, नारी शक्ति पहचानो । कुछ [...]

क्षणभंगुर शादी की खुशी

क्षणभंगुर शादी की खुशी एक दिन मैं दौड़ता हुआ, न जाने [...]

प्रकृति

प्रकृति प्रकृति ने देखो हमें दिया है अनोखा उपहार, हर जगह [...]

दूसरा जन्म

अधेड़ उम्र की औरत गांव से बाहर काफी दूर एक बड़े से बरगद के [...]