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Author: MridulC Srivastava

MridulC Srivastava
Posts 25
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!! धूल धूसित मार्ग का एक साधारण पथिक !! सफर २०१६ किसी ने बुरा जाना मुझे किसी ने भला जाना मुझे, में जो खुद को जान न सका जाने लोगो ने क्या पहचाना मुझे ll २-1-२०१७ सफर.... जनवरी २०१७ हीरे सजा रखे हैं तिलक सा माथे,उन्हें माटी का कोई मोल नहीं, माटी हूँ जो भारत भूमि का भी,अभिमान मुझे, इस माटी को कोई मोल नहीं,अभिमान मुझे, इस माटी को कोई मोल नहीं !!

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

माँ भारती,तोड़ती पथ्थर

मातृभूमि से बढ़ कर नहीं कोई उपलब्धि तेरी, सत्य विजय से पहले [...]

बड़े काम की बेटियां

ख़ामोशी तेरी,पहल भी तेरा, नाकामी तेरी,शहर भी तेरा, गूंजती [...]

बड़े काम की बेटियां

ख़ामोशी तेरी,पहल भी तेरा, नाकामी तेरी,शहर भी तेरा, गूंजती [...]

ब्रेनलेश भारत

भक्त शिरोमणि बीमार है,हाल उनका बेहाल है, जिम्मेेदारी का बोझ [...]

निर्भया

तारीफ़ क्या करूँ, क्या कहूँ मैं निर्भया, मन पर बोझ,माथे पर [...]

निर्भया

तारीफ़ क्या करूँ, क्या कहूँ मैं तुम्हे निर्भया, मन पर बोझ,माथे [...]

हास्य व्यंग्य

राहुल बाबा😜 मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है,मैं बोलूंगा तो [...]

नारी

आन मान और मर्यादा,सिर्फ तुमपर ही लादा जाता, मछली को तैरना कौन [...]

स्वमूल्यांकन

किसी ने बुरा जाना मुझे किसी ने भला जाना मुझे, दुनिया को और काम [...]

सच

अंधे को बंदूख दें कर,सीमा पर शत्रु से मुकाबले के लिए भेजना [...]

नोटबन्दी

बिना किसी बैकप के,इक्के के पीछे घोड़े को बान्ध कर दौड़ाने वाले [...]

भक्ति

अधिकार,संघर्ष,तो इतिहास रहा है, किसी ने समर्थम किया है,तो कोई [...]

जुल्म_ए_भक्ति

अधिकार,संघर्ष,तो इतिहास रहा है, किसी ने समर्थम किया है,तो कोई [...]

संघर्ष एक इतिहास

जुल्म_ए_खाकी या जुल्म_ए_खादी अधिकार के संघर्ष का तो इतिहास [...]

सम्मान/तिरस्कार और समाज

तारीफ की जो बात की और जमाने से तुलना, तो सुनो हे मित्र, क्या [...]

सिद्धान्तों की कीमत पर जीना मंजूर नही मुझे

समझौतों में स्वार्थ और लाचारी की बू आती है, आत्म-सम्मान [...]

दशरथ मांझी को मेरा सलाम

क्या कमाल की दुनिया है यारो... दशरथ मांझी जब अकेले ही पत्थर [...]

फिर उसे मेरी याद आ रही होगी – कुमार विश्वास

आप आये या बाहर आई नव जीवन नई चाँदनी साथ लाई,तोड़ ही चुके थे इस [...]

कर सको तो

तेरा साथ छूटा,सम्हलने में वक्त लगा, अब फिर उसी मौसम,उसी प्रेम [...]

देश प्रेम

करने दो हुंकार अब,बस मातृभूमि का सत्कार अब बजने दो मृदंग,कर [...]

चीन को उत्तर

सत्य है कि पाक की छटपटाहट से चीन बौखला जाता है,जो भी वजह हो [...]

जुमलो का ये दौर

पाठको की खामोशी के कारण लौट गया था, किन्तु में ज्यादे खामोश [...]

पगली कथा- मेरी भूमिका

यदि आप ने पूर्व में मेरे द्वारा लिखित पगली की कहानी पढ़ी है तो [...]

व्यंग

जीन्स क्यों बिलकुल बुरी बात.. ऐसे हंसते हैं क्या ये कोई तरीका [...]

मोहन जोदाड़ो फिल्म से कही आगे..

मोहंजोदाडो.... इस विषय मे हमारा जितना भी ग्यान है,उसे आधार बना [...]