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Author: MITHILESH RAI

MITHILESH RAI
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मुक्तक (265 Posts)


मुक्तक

मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! तेरी याद को दिल में बेशुमार [...]

मुक्तक

कुछ लोग जिन्दगी में यूँ ही चले आते हैं! कुछ लोग वफाओं को यूँ [...]

मुक्तक

मैं जिन्दगी में मंजिले-मुकाम तक न पहुँचा! मैं जिन्दगी में [...]

मुक्तक

मैं बहुत बेकरार हूँ तुमसे बात करने को! गुजरे हुए ख्यालों से [...]

मुक्तक

किसतरह तेरी यादों की रात जाएगी? किसतरह तेरे गम की सौगात [...]

मुक्तक

तेरी उम्र तन्हाई में गुजर न जाए कहीं! तेरी जिन्दगी अश्कों [...]

मुक्तक

आरजू हालात की मोहताज नहीं होती है! ख्वाहिशों में लफ्जों की [...]

मुक्तक

जब हमारा किसी से रिश्ता टूट जाता है! प्यार का हाथों से [...]

मुक्तक

आज भी मुझको तेरा हसरत-ए-दीदार है! आज भी मेरी नजर को तेरा [...]

मुक्तक

मैं तेरी तमन्ना को छोड़कर आया हूँ! मैं दर्द की बंदिश को [...]

मुक्तक

मेरा सकून तेरी मुलाकातों में है! तेरी तमन्ना दिल के जज्बातों [...]

मुक्तक

जबसे तेरी चाहत में नाकाम हो गया हूँ! दर्द और तन्हाई का पैगाम [...]

मुक्तक

अभी रिश्ता दिलों का धड़कनों में चलने दो! अभी #शामे_तन्हाई को [...]

मुक्तक

क्यों जिन्दगी में प्यार से डरे हुए हैं लोग? राहों में मददगार [...]

मुक्तक

गुजरे हुए जमाने की तुम बात न करो! दर्द के अफसाने की तुम बात न [...]

मुक्तक

काश तुमसे चाहत को बोल पाता मैं भी! काश गाँठें लफ्जों की खोल [...]

मुक्तक

तुमको देखकर मेरा दिल मचलता है! तुमको सोचकर मेरा दिल बहलता [...]

मुक्तक

यूँ ही उम्र तन्हा गुजरती रहेगी! बस तेरा इंतजार करती [...]

मुक्तक

यादों की करवट से लकीर सी बन जाती है! दिल में तरंगों की तस्वीर [...]

मुक्तक

हार कर भी तेरी कहानी की तरह हूँ! हार कर भी तेरी निशानी की तरह [...]

मुक्तक

तेरी चाहत दिल में हरदम रहेगी! करवटें तन्हाई की हरदम [...]

मुक्तक

तेरी चाहत मेरी आदत सी बन गयी है! मेरी जिन्दगी की अमानत सी बन [...]

मुक्तक

तेरा कबतलक मैं इंतजार करता रहूँ? तेरी वफा पर मैं ऐतबार करता [...]

मुक्तक

तेरी यादों की तन्हाई से डर जाता हूँ! तेरी चाहत की परछाई से डर [...]

मुक्तक

अब तो मंजिलों के भी दाम हो गये हैं! रिश्ते जिन्दगी के नीलाम हो [...]

मुक्तक

तेरा ख्याल जब कभी मुझको चूमता है! हरतरफ फिजाओं में सावन [...]

मुक्तक

शाम की तन्हाई में खामोशी आ रही है! ख्वाबों और ख्यालों की [...]

मुक्तक

इसकदर उलझी है जिन्दगी तकदीरों में! हम राह ढूंढते हैं हाथ की [...]

मुक्तक

तेरे बगैर जिन्दगी बेजान सी रहती है! तेरी बेवफाई से हैरान सी [...]

मुक्तक

तेरी आँखों में झील सी गहरायी है! तेरी अदाओं में कैद अंगड़ायी [...]