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Author: Ranjana Mathur

Ranjana Mathur
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

जय हे! वीणा पाणि माता

जय हो जय माता शारदे ! ओ शारदे ! हमें तार दे। तेरे ही चरणों में [...]

सुन सैनिक प्यारे

ऐ रणबांकुरे सपूत हमारे! ऐ वीर बहादुर सैनिक प्यारे! अब तुझको [...]

===हम गांव वाले हैं ===

===हम गांव वाले हैं === कतरा-कतरा अपनी ढूंढ रहे हैं हम पहचान, [...]

=सुन रहा है न तू=

‌ ===सुन रहा है न तू=== (एक असहाय वृद्धा माँ के दर्दनाक अंत की [...]

-=- आशीर्वाद – =-

जब जब मुझ पर संकट आया मैंने तुझको सम्मुख पाया विघ्न विनाशक [...]

== करना ही होगा ==#

*** करना ही होगा *** न जाने हम अपने धर्म को कितना जानते हैं [...]

*** प्रीत की आस ***

सावन की अलमस्त ये भीगी भोर, हरित है अवनि, कजरारा है अम्बर। नभ [...]

—-धोखा —-

धोखा, शब्द है बड़ा अनोखा। जो हो गया माहिर इसमें, वह कभी भी [...]

= प्यार की खातिर =

खुशियाँ ही खुशियाँ होती जिन्दगी में, तो गम बेचारा कहां [...]

#=#=# हौसला जिन्दगी का #=#=#

दुख की घड़ी में तो आंसू भी आंखों का साथ नहीं देते। मुश्किल [...]

**पृथ्वी तेरे नाम अनेक**

हे माँ वसुंधरा ! ह्रदय तेरा अतुल्य स्नेहिल ममत्व से भरा, तभी [...]

कह-मुकरियां (अमीर खुसरो द्वारा बनाई गई कविता की एक विधा)

कह-मुकरियां सुन्दरता ऐसी न हटती निगाहें छोडे न कलाई सजाए वो [...]

विश्वास

‌ पिछले कुछ वर्षों में कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं [...]

किस्मत

हाथों की लकीरों की चित्रकारी में साथियों, कुछ डालो मेहनत के [...]

क्यों उड़ गई ?

-= क्यों उड़ गई =- ‌ जून का महीना था। घर की छत पर पड़ोस से आ [...]

छोड़ दें क्या

आएंगे अगर राहों में पत्थर तो दोस्तों, क्या पथरीली जमीं पे हम [...]

माँ

*माँ * माँ तो माँ है, मांँ से न कोई महान है। मांँ के भीतर बसी [...]

समर्पण

तुम जीत जाओ बार बार। हार कर भी बहुत खुश हैं हम।। तेरे चेहरे [...]

अहसास अनजाना

कौन अनजाना-सा हमें याद यूं आ जाता है। पलकों को फिर से यूँ हर [...]

नई सुबह

भोर हुई लो भोर हुई रश्मियों ने डाला डेरा सूर्य देवता का हुआ [...]

रोना आया

आज तो यह आलम है दिल का कि हर बात पे दिल घबराया। आहट भी कहीं [...]

खुशी

खुशियाँ हैं आसपास ही कहीं, ढूँढिए तो जरूर मिलेंगी। कीजिए [...]

मेरी बिटिया

तू प्रातः की सुन्दर किरण। ‌तू बगिया की चंचल बयार। तू [...]

हम अकेले

आज फिर दिखने लगा अक्स तेरा धुंधली यादों के झमेले में। तुम [...]

याद जब आती है

## # गज़ल ### बारिशों की बूंदें यूंँ मायूस बनाती हैं मुझे। [...]

झंकृत हो उठे स्मृतियों के तार

ब्लैक एंड व्हाइट टीवी का, पहला - पहला गाना प्यारा । [...]

उगता हुआ कवि

मेरी दोहिती पावनी (चुनमुन) अभी मात्र दो वर्ष की है। पता नहीं [...]

त्राहि-त्राहि

==त्राहि-त्राहि== हे इन्द्र देवता कृपा करो, इतना कहर न बरपा [...]

नारी तेरे रूप अनेक

परमात्मा की सबसे प्यारी कृति है नारी। नारी में निहित की [...]

हर पल

आप हर पल हर क्षण याद आते हैं, जैसे आज भी आप ही मेरी श्वासों की [...]