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Author: Ranjana Mathur

Ranjana Mathur
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

विधाएं

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कविता (67 Posts)


– ## – भूख – ## –

भूख है वह बीमारी जिससे कोई न बच पाया। जन्म से लेकर अंत सांस [...]

_- आओ थोड़ा दर्द बांट लें -_

आओ साथ निभाएं सबका, आओ साथ निभाएं। हर दिल को हर्षाएं आओ, हर मन [...]

****बूंद****

‌ ‌समुन्दर में कोई खुली सीप ‌जब समेट लेती है अपने [...]

====तेरे बिन सूनी अँखियाँ ====

धुल गया सब श्रृंगार विरहन का, बाट निरख पथराए नयना।। घुल गया [...]

सुन रे मन

हौसला तुम्हारा होगा और उसे पकड़े रखना तुम मजबूती से । [...]

**वक्त वक्त की बात **

समय बड़ा बलवान है भाई, सब कुछ तुम्हें सिखा देता है। कौन है [...]

व्यथा एक नव विवाहिता की

‌ ‌ ‌बहुत रोती हैं ये अँखियाँ, ‌बहुत रोती हैं ये अँखियाँ। [...]

-सपूत भारत माता का –

वाणी में जिसकी मिलती, सिंह जैसी दबंग दहाड़। कर्मठ ऐसा वह [...]

==तेरी महिमा न्यारी ==

पानी रे पानी तेरे रूप निराले हैं। कल कल करता जलप्रपात हो तो, [...]

==मेरा भारत ” सोन चिरैया “==

‌ "सोन चिरैया " शब्द भारत के उस स्वर्णिम युग का परिचायक था, [...]

**= इतिहास दोहराएगा=**

जिन्होंने तुझे बनाया, तराशा,निखारा, तूने कर लिया उनसे [...]

== आँसू ==

आंँसू केवल आंखों से टपका नहीं है यह पानी। इसकी हर बूंद कहती [...]

प्रभु वन्दन

मैं तेरा प्रभु तू है मेरा तूने दिया एक नया सवेरा। दूर हुआ [...]

=**इक दूजे के लिए **=

न उनके बिन कोई जिन्दगी है तुम्हारी, न बिन तुम्हारे कहीं उनका [...]

=*= कुछ अच्छा हो जाए =*=

तकलीफों से न तू सबक ले, जो न करे गुरूर को नष्ट। अहंकार का जोश [...]

तू क्या है मेरी नजर में

घर भर की जान है बेटी। मां का अरमान है बेटी । [...]

“आह्वान हिन्दी का “

‌ आओ भारत वासी आओ, माँ की करुण पुकार सुनो।  हिन्द देश के [...]

== थोड़ी ठंड रखिए ==

दिल भी सही रखिए, दिमाग सही रखिए। दिल में उठने वाले, खयालात [...]

प्यारे पापा को सस्नेह समर्पित

हम तो हैं इक अंश आप का, आप से मिला ये तन, ये काया।। पहला कदम [...]

श्राद्ध क्यों ?

जीते जी यदि रखते होते माता - पिता में श्रद्धा तुम। तो न [...]

जीना नहीं तेरे बिना

जब से साथ तुम्हारा पाया जब से तुम्हें पहचाना। तुमने मुझे [...]

***दरद जिया का ***

* सावन आयो सजनवा ना आयो जी ** लायो बहार संग दुःखवा भी लायो जी। [...]

आया सावन झूम के

फिर आयो जी मनभावन सावन धरा ने ओढ़ी धानी चुनरिया। गगन हुआ [...]

प्रातःकालीन वन्दन

जय जय जय प्रभु दीनदयाला हर क्षण हर पल तूने संभाला तू ही है [...]

बेटा तुझको जन्म दिन मुबारक

ओ लाड़ले ! राहें तेरी हो निष्कंटक, जीवन सदा रहे खुशहाल। [...]

बाल कविता – सतरंगी मीठे फल प्यारे

लाल रंग का गोल सेब है हरे रंग का है अमरूद। पीला पीला मस्त आम [...]

==कुछ तो कीजिए ==

चमन में खिलेंगे गुल भी, थोड़ा इंतजार तो कीजिए। कुदरत ने [...]

***आशा ***

फिज़ाओं में खुशबुएं भी हैं घुली घुली, केवल जहर ही नहीं हवाओं [...]

=आओ प्रकृति की पूजा करें=

प्रकृति मित्र है मानव मात्र की, वह संरक्षक है संसार की। [...]

हमें जवाब चाहिए

आक्सीजन की कमी से दम तोड़ते मासूम बाढ़ों के सैलाब में बहते [...]