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Author: mehroz anwari

mehroz anwari
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नमस्कार, मेरा नाम मैहरोज़ अनवरी है। साहित्य पिडिया से जुङकर खुशी हुई बङे बङे साहित्य कारों की रचनाएँ प्रेरणादायक है। बेटी विषय पे कुछ लिखने को मिला साहित्य पिडिया को बहुत धन्यवाद करती हूँ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

लहराये तिरगां होके मस्त

तिरगां लिये हर एक देशभक्त कयोकि आया प्यारा पन्द्रह [...]

याद है मुझे उसका गुनगुनाना( मातृ दिवस पे विशेष)

याद है मुझे उसका गुनगुनाना लोरी का आलाप मुझे झुनझुना हिलाकर [...]

मेरे आँसुओ की नीवँ पे तुम अपना आशियाँ न बना पाओगे

मेरे आँसुओ के नीवँ पे तुम अपना आशियाँ न बना पाओगे । ये वह [...]

खुशनसीब हूँ तिरंगा पहना है कफन

ऐ कलम तू सुन लेना उङते पत्ते पर तू लिख देना गर शहीद हो जाऊँ ऐ [...]

माँ से बाल सवाँ रे नही जाते

माँ से बाल अब सँवारे नही जाते कोई तो समझाये इसे जाने वाले [...]

हम है खुदा की नेमत बेटियाॅ

हम है खुदा की नेमत हमें कूङे कचरे मे फेको मत हमारे जन्म से [...]