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Author: MANINDER singh

MANINDER singh
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मनिंदर सिंह "मनी" पिता का नाम- बूटा सिंह पता- दुगरी, लुधियाना, पंजाब. पेशे से मैं एक दूकानदार हूँ | लेखन मेरी रूचि है | जब भी मुझे वक्त मिलता है मैं लिखता हूँ | मशरूफ हूँ मैं अल्फ़ाज़ों की दुनिया में....... cont no-9780533851

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

झाँक देख लो दिल में यारो

झाँक देख लो दिल में यारो, हम कितने है बदल गये,, जग में बनने [...]

तेरी बिटिया

ऐ माँ मैं हूँ तेरी बिटिया, नन्ही, प्यारी सी बिटिया, लगा गले [...]

कोई ना जाने……….

कोई ना जाने कब वक्त दगा कर जाये, चलती फिरती देह कब मिटटी हो [...]

क्यों हो खफा यू तुम बताओ अब मुझे

क्यों हो खफा यू तुम बताओ अब मुझे, चुप इस कदर रह मत सताओ अब [...]

बात दिल की कह न पाया

बात दिल की कह न पाया, दूर तुम से रह न पाया, कश्मकश सी दिल में [...]

गरीबी बेच खरीद ली अमीरी मैंने

गरीबी बेच खरीद ली अमीरी मैंने, दर्द बेच ख़ुशी खरीद ली [...]

मैँ भी ईद मनाऊंगा,

पहले तो सभी को तहे दिल ईद मुबारक………….एक गुजारिश है आप सभी से [...]

दीवानी

जुदाई तेरी, मुझे जीने नहीं देती, यादें तेरी, मुझे मरने नहीं [...]

सियासत

हर गली हर चोराहे में कितने खुल चुके है ठेके, मुझे तो अपने ही [...]

बदला सावन

देख दूर से बारिश की बूंदे. सोचा, जवानी के सावन का अहसास लिख [...]

बरसे बरसे बरखा बरसे

बरसे बरसे बरखा बरसे, पिया मिलन को जिया तरसे, घनघोर बदरिया [...]

पर्दा ना कर

पर्दा ना कर, ऐ दिलबर, तेरे हुसन का दीवाना हु, जाने कितनी [...]

लफ्ज़ो की किताब

निकल पड़ा, लिए लफ्ज़ो की किताब, जिंदगी के हर दौर का था हिसाब, कुछ [...]

प्रेम की गलियो में

जाने कब मैं प्रेम की गलियो में आ गया, दिल पर इक अजब सा खुमार छा [...]

प्रेम का बाग़

तलाश रहे है लोग वजह मुस्कुराने की, टूटे हुए रिश्तो को फिर से [...]

इत्तफाक

दुआओ का मोहताज़ हु, अल्फाज़ो के सुलगते शहर में, मुस्कराहट के दम [...]

हाल ऐ जिंदगी

मेरी आँखों में अश्को का तूफान सा उमड़ता है, जब कोई हाल ऐ जिंदगी [...]

मोडर्न इश्क (हास्य रचना)

देख आशिक की चिता, इश्क सारी हदे तोड़ता मिला, विरोह की आग में [...]

बीवी

पढ़ अख़बार मैंने, बड़ी रोचक जानकारी जुटाई, रह न जाये आप इससे [...]

ऐ जिंदगी

ऐ जिंदगी बता तू क्यों मुझसे इस कदर खफा खफा सी है, क्या हुआ है [...]

तकदीर

बहकते है मेरे पाँव बहकने दे यार, गिरता हु आज, मुझे गिरने दे [...]

ऐ चाँद

ऐ चाँद जब भी देखा तुझे, अकेला ही मिला तू मुझे,, हर तारे का, कोई [...]

मैं आज़ाद नहीं

मैं आज़ाद नहीं, अपनी सोच का गुलाम हु, अन्धविश्वाश, [...]

नन्ही जिद्द और चाइना डोर

एक नन्ही सी जिद्द खामोश हो गयी, लगता है हर जिद्द पूरी कर सो [...]

लापता

अभी कुछ दिन पहले हुआ था उद्घाटन, तारीफ कर रहे थे नेता अपनी [...]