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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
Posts 343
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

**** फ्रेंडशिप डे ****

फ्रेंडशिप डे की हार्दिक शुभकामनाऐ मेरे सभी फेसबुक फ्रेंड्स [...]

*** ये मूरत तेरी ****

ये मूरत तेरी दिल में उतर आई है तेरी सूरत पे लिखा जो [...]

ग़ज़ल:-नफ़रत की आंधियां

बसर की जिस शज़र के नीचे जिन्दगी अपनी रोशनी पसर क्या आज उस शज़र [...]

***** मंजिलें मेरे कदमों तले ******

मै मंजिलों की तलाश में भटका नहीं बोलो कहां आज मंजिले मेरे [...]

*** तेरी ख्वाहिश ***

क्या कहूं एक तेरी ख्वाहिश है कि मिटती ही नहीं जितना [...]

*** दूर चले जायेंगे हम ****

.दूर चले जाऐंगे हम दुनियां से तेरी पर प्यार तो [...]

***** निशा आती है ******

निशा आती है दिनभर की थकान के बाद अँधेरा धीरे धीरे घना [...]

***** मिट्टी के घरोंदे सा *****

मिट्टी के घरोंदे सा हमारा दिल है जरा सी ठेस लगते ही टूट जाता [...]

*** मैं जिसे पसन्द हूं ***

बहुत बार मन में ऐसा ख्याल आता है कि मै जिसे पसन्द हूँ उसे [...]

**** आग्रह ****

ऐ यार ! मायूस हो चला हूँ मै एक सूखे पेड़ की तरह अरे ! सूखे [...]

*** आईना हक़ीक़त नहीं होता ****

आईना हकीकत नही होता आईने पर धूल जमी हो तो आईने में भी सूरत [...]

****** दिल *****

दिल उलझा उलझा रहता है उनकी जुल्फों या फिर उनके [...]

**** बीमार ****

मै तेरे प्यार का बीमार हूँ ऐ जाने जिगर । तेरे प्यार की हर [...]

* दिल का दर्द सुनाऐं किसको *

दिल का दर्द सुनाऎं किसको कोई सुनने वाला नहीं । [...]

* इस आदत को सुधारा ना जाये *

इतना भी विश्वास मुझपे ना कर कि तूं धोखा खा जाये इतना भी उधार [...]

**** रहस्य *****

सुबह कितनी ताजा हवा आती है शैशवावस्था की मुस्कान की [...]

* हम तक़दीर कहां बना पातें हैं *

तकदीरें बनती बिगड़ती है हम तक़दीर कहां बना पाते हैं मगर [...]

*** असमंजस ***

बीज रूप में आया मैं था कुछ विकसित हो दुनियां [...]

मैं वो मजमूं ढूंढता हूं

मैं वो मजमूं ढूंढता हूं जिस पर वो निसार हो मैं वो राह [...]

** मालिक की सौगात ***

अल्फ़ाज नहीं है ये मेरे उस मालिक की शौगात है ये मैं तो केवल [...]

ग़म की सूई से फटेदिल को सीना चाहता हूं

उस वेवफा से क्या कहें हाल -ए -दिल अपना जिसे हाल-ए-दिल खुद अपना [...]

** पांच शेर **

तेरी जुल्फ की तरह उलझी है मेरे प्यार की गुत्थी जितना [...]

** सात शेर ***

हमारा प्यार भी कभी जो किस्सा बन जाता है अगर यार को रिश्ता [...]

*** पहचान ****

पहचान छुपाकर ......... पहचान बढ़ाना चाहते हो [...]

गीत :- मैं एक मुसाफ़िर हूं

मैं एक मुसाफ़िर हूं दिल एक मुसाफ़िर है ना मेरी मंजिल है ना [...]

* क्षणिका *

समझ नहीं आता जिंदगी इतनी जिद क्यूँ करती है जीने के [...]

* पवित्रता मन में बसी होनी चाहिए *

पवित्रता मन में बसी होनी चाहिए केवल लोगों को दिखाने के [...]

* हुश्न की बारीकियां *

यूं राज-ए-हुस्न कब तक छुपाओगे मुझसे हुस्न की बारीकियां [...]

भजन :- * श्याम मोरे अब दे दो दर्शन *

प्रारम्भिक बोल श्याम मोरे अब दे दो दर्शन जीवन -सन्ध्या आन [...]

* एक बहिन की पीड़ा *

यह कविता नहीं है एक बहन की पीड़ा है ******************************** राखी की पूर्व [...]