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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

*** बूंद बूंद सिंचाई ***

7.6.17 दोपहर 1.41 मैंने बूंद-बूंद सिंचाई कर प्यार को [...]

**** तेरे शहर में ****

हम तेरे शहर में आये हैं मुसाफ़िर की तरह मुन्तजिर है [...]

** कथा- कहानी **

ग़ज़ल कहूं या गीत कहूं ये रीत पुरानी आई है कहता आया हूं [...]

** जय महाकालेश्वर **

महाकाल ने जिसे बुलाया ना टाल पाया मंत्र महामृत्युंजय मौत [...]

*** गीत ***

गीत प्रारम्भिक बोल 👍 बैठी हूं इंतजार करूं [...]

** कोई बात नही **

बात-बेबात मुझसे ना कर बात कोई बात नहीं कर दे कत्ल [...]

** ग़ज़ल **

आँखों के आंसुओं से दामन भिगो लिये हम तो यूं कुछ दूर ही टहलने [...]

** मिठास **

ना जाने तेरी जुबां पे ये मिठास कहां से आती है मिश्री घोल दे [...]

** प्रेम विवाह की हक़ीक़त **

आजकल के प्रेम विवाह की हकीकत जितनी शिद्दत से प्रेम किया [...]

* अकोहम ब्रह्म द्वितीयो नास्ति *

इस दुनियां के लोग भी कितने अजीब हैं मुर्दों को तो [...]

कविता :- पेड़ो के झुरमुट में

💐पेड़ो के झुरमुट में 💐 🎂🎂🎂🎂🎂🎂 विस्फारित नयनो से ढूढ़ता [...]

*** कुछ शेर ***

हक़ीक़त में सम्भव नहीं उनको रुलाना क्यों न तसव्वुर में ही [...]

*** ऐ जानेमन ***

22.5.17 **रात्रि** 10.31 चाहत छुपाकर क्यों होते हो आहत रखोगे इस क़दर [...]

*** तेरी गली में हम***

आये है घर छोड़ के अपना साजन तेरी गली में हम मिले चाहे ख़ुशी या [...]

*** प्यार किया तो डरना क्या ***

20.5.17 रात्रि 12.02 प्रारम्भिक बोल ********* प्यार करना गुनाह नही [...]

* गीत:- ऐ राधा ऐ राधा *

ऐ राधा ऐ राधा तेरे प्यार को मैं अब कौन सा नाम दूं दिल मेरा है [...]

*** ये दिल आपकी सम्पति है ***

ये दिल आपकी सम्पति है जब तुम चाहो सो तोड़ दो लेकिन [...]

**दर्द का अहसास **

अपनी भी हालत पेड़ से गिरे सूखे पत्ते-सी हो गयी है लोग [...]

** दिल आख़िर दिल जो ठहरा **

दिल आखिर दिल जो ठहरा भावनाओ पर किसका पहरा उम्र हसीनाओं [...]

** गुनाह तो नहीं था **

14.5.17 दोपहर 1.41 मेरा इश्क महज़ एक हादसा तो नहीं था जुल्म करे मैं [...]

** विदाई गीत **

विदा होने वाले विदा होने वाले विदा लेने वाले जुदा होने [...]

* ** ऋतु पावस ***

ऋतु पावस थी निकट अमावस थी यौवन की वह घटा-छटा विकट थी मन- [...]

** आदमी अर् गुंगळया में फर्क **

गुंगळया इण माटी रे डगळा ने गुड़कांवता ले जावे है । मानखो [...]

*** अफ़साना ***

अफ़साना फ़लक से गिरती हुई उस शबनमी-शै का क्या कहें पलक से [...]

*** क्यूं किससे ***

मायूस हो हम फुर्कत-ए-इश्क में रोए तुम सोचोगे खदीन ख़्वाब [...]

*** हिज्र की रात है ***

7.5.17 *** प्रातः 9.01 हिज्र की रात है और यादें तेरी गिन-गिन तारे अब [...]

** तुम वफ़ा क्या जानो **

6.5.17 ***** रात्रि 11.11 तुम वफ़ा क्या जानो तुम जफ़ा क्या जानो क्यों [...]

*** मूर्ख कौन ? **

3.5.17 ***** रात्रि 11.7 देश के सैनिकों को समर्पित मेरी प्रथम रचना [...]

* कहने वाले मिले हैं मुझसे *

प्रारम्भिक बोल आज की दुनियां में प्यार की बात करते हैं लोग [...]

* कर-ना मुहब्बत इस जहां में *

कर-ना मुहब्बत इस जहां में कर-ना मुहब्बत इस जहां में अज़नबी [...]