साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
Posts 302
Total Views 4,627
मैं भूरचन्द जयपाल वर्तमान पद - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिन्दी रचनाये 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

शेर (10 Posts)


*** कुछ शेर ***

हक़ीक़त में सम्भव नहीं उनको रुलाना क्यों न तसव्वुर में ही [...]

** आरजू **

आरजू दिल की है तमन्ना शब-ए-रोज की है ऐ जिंदगी तूं तो बस कुछ [...]

** अदालत-ए-इश्क **

मुवक्किल थे हम उनके अदालत-ए-इश्क में पैरवी कुछ इस तरह की [...]

* चार शेर *

जीना चाहा था मगर जिंदगी ना मिली । मौत भी अब हमसे अपना दामन [...]

** सही कहा **

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता सख्त हो तो दांत जरूर तोड़ सकता [...]

** पांच शेर **

तेरी जुल्फ की तरह उलझी है मेरे प्यार की गुत्थी जितना [...]

** सात शेर ***

हमारा प्यार भी कभी जो किस्सा बन जाता है अगर यार को रिश्ता [...]

**** शेर ******

23.1.17 रात्रि 10.5 बागे बुलबुल को अब मुस्कुराना ही होगा [...]

*** चंद शेर ***

नूर तेरी नजरों का ना देख पायेंगे अब जिस्म की चकाचौंध से [...]

शेर

12.12.16 ******* दोपहर 1.15 समझ नहीं आता इस हुस्न को क्या नाम दूं एक [...]