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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

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ख़ुदा भी आसमां से ………..

किस्मत भी कितनी अजीब है कोई घरवाली पाकर रो रहा है तो कोई [...]

*** इतनी फुर्सत कहां ***

इतनी फुर्सत कहां मिलती है हमको जो तेरा सूरत-ए-हाल लिखें [...]

*हम संसार चाहते हैं वो संसार से पार लगाना*

कब बिगड़ी है दुनियां उसकी जिसने इंसान से बना के रखी लोग केवल [...]

** प्यार निभानेवाला नहीं मिला **

सुख के साथी मिले हजारों दुःख में साथी नहीं मिला नींद [...]

*** कुछ तो हक़ीक़त है ***

मेरी हर बात हकीकत नही होती पर हकीकत से कुछ कम भी नहीं [...]

*** साथ हमारे ईश्वर है ***

ये जीवन भँवर है आशा और निराशा इन दोनों के बीच का भ्रमण पथ [...]

*** हम मौन रहे तो ***

हम मौन रहे तो ऐसे कई डांगाबास घटित होंगे क्यों भीतर ही [...]

*** वो मुझे अपनाकर भी ***

मै जिसे प्यार करता रहा मासूम समझ कर वो ही मुझे जख़्म पे [...]

*** मेरी तन्हाइयों में ना आया करें ***

मैंने रात के अँधेरे से कह दिया है मेरी तन्हाइयों में ना [...]

** क्षणिका **

ऐ चाँद मेरे मैं तुझ तक पहूंचूं कैसे निगलने को है बादल [...]

** मिठास **

ना जाने तेरी जुबां पे ये मिठास कहां से आती है मिश्री घोल दे [...]

** प्रेम विवाह की हक़ीक़त **

आजकल के प्रेम विवाह की हकीकत जितनी शिद्दत से प्रेम किया [...]

* अकोहम ब्रह्म द्वितीयो नास्ति *

इस दुनियां के लोग भी कितने अजीब हैं मुर्दों को तो [...]

**दर्द का अहसास **

अपनी भी हालत पेड़ से गिरे सूखे पत्ते-सी हो गयी है लोग [...]

** दिल आख़िर दिल जो ठहरा **

दिल आखिर दिल जो ठहरा भावनाओ पर किसका पहरा उम्र हसीनाओं [...]

*. ईश्वर वही है जिसे *

ईश्वर वही है जिसे हमने बनाया ईश्वर ने हमें नहीं [...]

क्षणिका ** नाकाम कोशिश **

बड़ी नाकाम कोशिश थी हमारी तुम्हें पत्थर से मोम बनाने की आज [...]

** एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो **

जिंदगीभर हमसे जो खफ़ा खफ़ा रहा एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो [...]

** खाक मालूम होगा **

गुजरती है जिसपे उसे मालूम होता है जो गुजरा ना हो प्यार के [...]

* क्या हम शरीफ इतने कमजोर होते हैं *

कितनी अजीब बात है दोस्तों शरीफ कभी एक नही होते हैं बदमाश एक [...]

** दिल बाग़-बाग होता है **

दिल बाग-बाग होता है जब हाथ कलम पर चलता है अफ़सोस गुस्ताख़ [...]

*बोल सियावर रामचन्द्र की जय*

हे मारुत नन्दन मारुती सुन क्रंदन सुन क्रंदन दुःख हर भय [...]

*अफसर की अगाड़ी और घोड़े की पिछाड़ी *

चर्चा का विषय था अफसर अफसर के पास या अफसर से दूर एक मोहतरमा [...]

** आकाशवृति **

🎂व्यक्ति को धरा और धरातल पर रहकर सोचना चाहिए । केवल [...]

** हमारी सड़क सी सपाट जिंदगी **

हमारी सड़क सी सपाट जिंदगी में मौत एक स्पीड ब्रेकर की तरह [...]

** एक प्रेमिका ने प्रेमी से कहा **

एक प्रेमिका ने प्रेमी से कहा **** पत्थरों से दिल लगाने से [...]

** चंद विचार ***

क्या ख्वाब ले रही है वो हो कर दुनियां से बेखबर प्यार भरी [...]

स्तुति * शिव शंभो शिव शंभो *

शंभो शिव शंभो प्रभो शूलपाणे प्रभो शंभो शिव शंभो प्रभो [...]

* क्षणिका *

समझ नहीं आता जिंदगी इतनी जिद क्यूँ करती है जीने के [...]

* पवित्रता मन में बसी होनी चाहिए *

पवित्रता मन में बसी होनी चाहिए केवल लोगों को दिखाने के [...]