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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल वर्तमान पद - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिन्दी रचनाये 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मुक्तक (87 Posts)


** मंजर मौत का ***

मंजर मौत का देखकर यह ख़ंजर भी डर जायेगा सब्रकर ख़ुदा के बन्दे [...]

*** कितने खुशख़त **

कितने खुशख़त लिखे मैंने तुझको चिट्ठी लौटती डाक से [...]

**** तेरे शहर में ****

हम तेरे शहर में आये हैं मुसाफ़िर की तरह मुन्तजिर है [...]

** जय महाकालेश्वर **

महाकाल ने जिसे बुलाया ना टाल पाया मंत्र महामृत्युंजय मौत [...]

** जय महाकालेश्वर **

महाकालेश्वर ने बुलाया है आना ही होगा दोष-अंगारक निवारण [...]

** कोई बात नही **

बात-बेबात मुझसे ना कर बात कोई बात नहीं कर दे कत्ल [...]

** गुनाह तो नहीं था **

14.5.17 दोपहर 1.41 मेरा इश्क महज़ एक हादसा तो नहीं था जुल्म करे मैं [...]

* ** ऋतु पावस ***

ऋतु पावस थी निकट अमावस थी यौवन की वह घटा-छटा विकट थी मन- [...]

*** क्यूं किससे ***

मायूस हो हम फुर्कत-ए-इश्क में रोए तुम सोचोगे खदीन ख़्वाब [...]

** तुम वफ़ा क्या जानो **

6.5.17 ***** रात्रि 11.11 तुम वफ़ा क्या जानो तुम जफ़ा क्या जानो क्यों [...]

** सिर्फ प्यार ही प्यार हो **

याद आते हैं क्यूं बीते लम्हे जो गुजारे थे उनके साथ रुलाते [...]

** कुरेदा है लफ्जो से **

कुरेदा है लफ्ज़ो से ज़ख्मो को इस क़दर तन्हाई में रोका,आज महफ़िल [...]

* खूबसूरती निगाहों में होनी चाहिए *

खूबसूरती ख्वाबों में नहीं निगाहों में होनी चाहिए आनन्द [...]

*मौत के डर से मर जाया नही करते इंसान*

वक्त कब किसी पे रहम करता है सम्भालों जीना है जहां में [...]

* उम्र अगर ढ़लती नहीं *

2.4.17 प्रातः * 11.7 उग्र अगर यूं ढ़लती नहीं कामनाये यूं छलती [...]

मुक्तक :- क़ातिल निगाहें

क़ातिल निगाहें हुआ करती थी कभी मुस्कान से जी जाया करते [...]

*** ग़ुस्ल कर लूं ***

ग़ुस्ल कर लूं तेरी स्मित मुस्कान में नहीं टिक पाऊंगा [...]

** ज्योति से याराना कर लो **

बाहरी चकाचौंध से अब मेरे यारों किनारा कर लो अब दिल में [...]

** दर्द सा उठता है धुंआ **

दिल में दर्द सा उठता है धुआं आज तक गैर अपना ना हुआ करते [...]

** गुमसुम आज मेरा दिल है **

😢रुक गयी है स्वांसे थम गयी है आंधियां न जाने कौन सा कत्ल [...]

** दुःख किण सूं कहूं साजना **

दुःख किण सूं कहूं साजणा दिन गिणतां रातां गिणी सुपणा अब सब [...]

** चलन है प्यार में रुसवाई का ***

पिघलती है बर्फ तो पिघलने दे सुलगती है आग तो सुलगने दे दिल [...]

** चुपचाप **

जख़्म सहते रहे जो मुहब्बत में सब चुपचाप देश के वास्ते [...]

** जरा दिल साफ हो ले **

12.3.17 सन्ध्या 7.15 मुश्किलें बहुत है राहे मंजिल मुश्किलों से दो [...]

*** ये क्या कम है **

मत दुखी हो अपने अभावों से अभावों में भी भाव छुपा होता [...]

*** ईश्वर की धर्मशाला ***

यह संसार ईश्वर की धर्मशाला है जब [...]

** चित चंचल ***

रूप चंचल मन चंचल मची दिल में हलचल आज मन पहल कर नव यौवना चित [...]

*** चुरा ले नींद कोई ***

चुरा ले नींद कोई हमारी कोई बात नहीं चुराये सपनों को हमारे [...]

** विश्वास मुझपे ना कर **

इतना भी विश्वास मुझपे ना कर कि तूं धोखा खा जाये इतना भी उधार [...]

** यूं ही नहीँ **

महक मेरे दिल की बहुत दूर तलक जाती है यूं ही नहीं तितलियां [...]