साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
Posts 408
Total Views 6,039
मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मुक्तक (124 Posts)


*** दुश्मन-दोस्त ***

चन्द अल्फ़ाज ही तो है जो दोस्त-दुश्मन बनाते हैं जो [...]

** आलोक पर्व पर **

दीपों की अवली जिस भांति अमा कालिमा हर जाती हम एक एक बन [...]

* अली को मंजूर नहीं मिलना तो क्या *

15.10.17 **रात्रि** 10.11 हो दुनियां मुख़ालिफ़ हमारे तो क्या हम इश्क [...]

*** छुपाकर रखूंगा दिल में ***

छुपाकर रखूंगा दिल में तुझको मैं अपने दिखाकर रखूंगा [...]

*** बोझ खच्चर-सा ***

ढ़ोया हूं बोझ खच्चर-सा जिंदगी का अब नही दिन-रात फ़िक्र में [...]

** आँखों से आँसू बन बह लूं **

कह लूं कुछ तो कह लूं आंखों से आंसू बन बह लूं व्यथा-कथा अपनी [...]

*** नहीं बोल पाते ***

नहीँ बोल पाते कब मिश्री घोल पाते बिनमोल बिक जाते कब तोल [...]

*** उड़ान ***

उड़ान का क्या कहना पंछी कब अपनी हार मानता पंछी मुड़ - मुड़ कर [...]

** अभी बाकी है **

अभी बाकी है कुछ लम्हे मुझे ओर जीने दे क्या फ़र्क पड़ता है मुझे [...]

** माँ शारदे **

माँ शारदे माँ शारदे अब भव-तार दे मुझको अब नव संसार [...]

** मेरे मासूक को **

मत मनहूश कह मेरे मासूक को दर्देदिल ना कह मेरे मासूक [...]

आदमी जब अपने ही घर..

आदमी जब अपने ही घर में हार जाता है तब उसे हराना बाकी कब रह [...]

*** नाम में रखा क्या ***

आँख नम है तेरे नाम से ये क्या कम है मुहब्बत तुमसे तेरे नाम से [...]

*** घुंध ***

फैली है धुंध जीवन में साफ दिखलायी नहीं देता जिंदगी की [...]

** सच्चा प्यार नहीं **

घरबार बहुत द्वार बहुत है लेकिन सच्चा प्यार नहीं दौलत की [...]

** मुझे शिद्दत से याद किसने किया **

आज फिर मुझे सिद्दत से याद किसने किया आज ग़म-ए-दरिया को प्यासा [...]

*** मेरा ***

ख़्वाहिश थी तेरी या फिर सिर फिरा था मेरा बज़्म में आकर अक्सर [...]

*** मत, भेद रखिए ***

मतभेद रखिए मन भेद ना रखिए ज़िगर में जुदा हर शख्स है फिर भी [...]

*** निजभाषा सम्मान ***

एक उम्मीद है जगाई निजभाषा सम्मान हिंदी हिन्द की पहचान है [...]

*** बयां करना मुश्किल है ***

ये अल्फाज़ो से बयां करना मुश्किल है ये रिश्ता दोस्ती का [...]

*** मत सोच ***

मत सोच अपनों के बारे में इतना पोच चलते चलते जब पांव में आ [...]

*** मुझे आना पड़ा ***

भीड़ से हम दूर थे बहुत पर भीड़ में आना पड़ा होकर मज़बूर जो तेरे [...]

** नहीं कम किसी से हम **

ऐ चाँद तुझको फलक से ज़मी पर उतार लाएंगे हम मत दिखा तूं अपनी [...]

** भ्रमित कर रहा कान्हा **

25.8. 16 दोपहर13.25 कैसे भ्रमित कर रहा कान्हा देखो जन्मदाता के [...]

*** जान-अनजान ,खमोश दर्द ***

18.8.17 **** दोपहर **** 3.51 तुम्हें क्या पता जान ये मुहब्बत [...]

** मुहब्बत यूं बदनाम नहीं होती **

चाहत कभी गुमनाम नहीं होती राहे कभी सुनसान नहीं होती [...]

***** अब तो ****

दिल टूट चुका है अब तो सब लुट चुका है अब तो कौन बचाये इस मंजर [...]

*** भावनाओं पर किसका पहरा ***

दिल आखिर दिल जो ठहरा भावनाओ पर किसका पहरा उम्र हसीनाओं [...]

*** कुछ हसरतें ***

कुछ हसरतें कुछ ख्वाहिसें दिल में बाकि है पूरा करें तो [...]

*** पगडण्डियां ललचाती ***

चलो अब जीवन-पथ पर पगडण्डियां ललचाती है सपाट सड़क आम रास्ता [...]