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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
Posts 278
Total Views 3,834
मैं भूरचन्द जयपाल वर्तमान पद - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिन्दी रचनाये 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

** सिर्फ प्यार ही प्यार हो **

याद आते हैं क्यूं बीते लम्हे जो गुजारे थे उनके साथ रुलाते [...]

** कुरेदा है लफ्जो से **

कुरेदा है लफ्ज़ो से ज़ख्मो को इस क़दर तन्हाई में रोका,आज महफ़िल [...]

*तुम उदास हो चेहरे पे फिर उजास है *

तुम उदास हो चेहरे पे फिर उजास है ग़म छुपाते हो दिल ये फिर उदास [...]

** तेरी मोहब्बत बडी बेलगाम है **

तेरी मोहब्बत बडी बेलगाम है प्यार के तांगे में जुतकर भी [...]

** एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो **

जिंदगीभर हमसे जो खफ़ा खफ़ा रहा एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो [...]

** खाक मालूम होगा **

गुजरती है जिसपे उसे मालूम होता है जो गुजरा ना हो प्यार के [...]

** आरजू **

आरजू दिल की है तमन्ना शब-ए-रोज की है ऐ जिंदगी तूं तो बस कुछ [...]

*** त्रिशंकु जिंदगी ***

मुसाफ़िर को जाना किधर था रोका घर के मोह ने उसे था क्या पता था [...]

* खूबसूरती निगाहों में होनी चाहिए *

खूबसूरती ख्वाबों में नहीं निगाहों में होनी चाहिए आनन्द [...]

* क्या हम शरीफ इतने कमजोर होते हैं *

कितनी अजीब बात है दोस्तों शरीफ कभी एक नही होते हैं बदमाश एक [...]

*मौत के डर से मर जाया नही करते इंसान*

वक्त कब किसी पे रहम करता है सम्भालों जीना है जहां में [...]

** नमन नमन उस भीम को **

14.4.17 प्रातः 10.30 नमन नमन उस भीम को नमन नमन उस भीम को [...]

* ये राजनीति अब बन्द होनी चाहिए *

14.4.17 **** प्रातः 9.30 ये राजनीति अब बन्द होनी चाहिए ये राजनीति अब [...]

* विश्व ने माना जिसका लोहा *

ज्ञानदिवस की पूर्वसन्ध्या पर ज्ञानपुरुष को उनके जन्मदिवस [...]

** अदालत-ए-इश्क **

मुवक्किल थे हम उनके अदालत-ए-इश्क में पैरवी कुछ इस तरह की [...]

** शुकुं-ए-जिंदगी **

शुकुं-ए-जिंदगी मिले तो कैसे बो दिये है बीज जो अब ऐसे बोएं [...]

** दिल बाग़-बाग होता है **

दिल बाग-बाग होता है जब हाथ कलम पर चलता है अफ़सोस गुस्ताख़ [...]

** ज़ख्म जिंदगी के **

ज़ख्म जिंदगी के सोने ना देते रोने ना देते ज़ख्म जिंदगी के [...]

** साथण म्हारी **

क्यूं दाबे है पांव बावळी तूं तो साथण म्हारी है लोग देख अचरज [...]

* हवाऐं बन्द कमरे की *

मैं उन्मुक्त हवाओं में घूमना चाहता हूं मैं घटाओं को देखकर [...]

* ये जीवन दो दिन का मेला *

मन काहे का गुमान करे, ये जीवन दो दिन का मैला फिर मन काहे [...]

** भीम लक्ष्य **

8.4.17 ***** रात्रि 11.21 भीम लक्ष्य था उस महा मानव का जिसने झेली [...]

* ओ यारा मेरे दिलदारा *

ओ यारा मेरे दिलदारा मैंने तुझ पे दिलवारा दिल का मोल नहीं [...]

** मैं शब्द-शिल्पी हूं **

मैं शब्द-शिल्पी हूंउ शब्दो को जोड़ता हूं मैं विध्वंसक नहीं [...]

*. और क्या चाहिए *

महफूज़ दिल के सिवा और क्या चाहिए दिया दर्देदिल के सिवा और [...]

* नजरें करम हो अब हम पे कैसे *

सफ़र जिंदगी का सुहाना हो कैसे नजरें करम हो अब हम पे कैसे [...]

* उम्र अगर ढ़लती नहीं *

2.4.17 प्रातः * 11.7 उग्र अगर यूं ढ़लती नहीं कामनाये यूं छलती [...]

* वन्दे मातरम् –मेरा नजरिया *

मैं सर्वप्रथम मातृभूमि,कर्मभूमि,जन्मभूमि की मानस पूजा करता [...]

किशोर/किशोरियों में एच आई वी /एड्स के प्रति जागरूकता-एक अध्ययन

प्रस्तावना कबीरदास ने कहा है - कबीरा सोई पीर है,जो जाने पर [...]

*** मानवता की मौत ***

आद्रो हुआ है जबसे अपरा अवनि पर बुरी प्रमिति का जन्म हुआ भयसी [...]