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Author: भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

** फिर लौटकर मैं इस जहां ना आऊंगा **

मेरी यह रचना मेरी स्वैच्छिक सेवानिवृति 13.7.17 तक मेरे साथ रही [...]

**** आपका अंदाज ****

खूबसूरत-ए-शोभा नहीं शरीर की आभा जनाब । शोभा-ए-खूबसूरत [...]

** प्यार निभानेवाला नहीं मिला **

सुख के साथी मिले हजारों दुःख में साथी नहीं मिला नींद [...]

*** अंधेरे बहुत है ***

अंधेरे बहुत है तन्हाइयों के कह दो तो हम शमां लेके आये कहकर [...]

** मुहब्बत यूं बदनाम नहीं होती **

चाहत कभी गुमनाम नहीं होती राहे कभी सुनसान नहीं होती [...]

*** आफ़ताब कहूं या चाँद तुम्हें ***

9.8.17 **दोपहर** 1.16 आफ़ताब कहूं या चाँद तुम्हें नजरे करम करना [...]

*** मेरे पसंदीदा शेर ***

जख़्म भरे जाते नहीं ज़ाम-ए-शराब से नासूर बन जाते हैं ये [...]

**** आघात ****

पहुंचा हो आघात अकारण किसी को मेरे कारण आज मैं करता हूं [...]

**** ये काल महा बन जायेगी ****

जीवन में चलना है साथी कुछ फूलों कुछ काँटों पे नादानी अब [...]

*** धीमा जहर ***

ना जाने कौन सा धीमा जहर मेरे सीने में उतर आया है ना चैन से [...]

*** फेसबुक अब हमें तेरा एतबार ना रहा ***

आज मित्रता दिवस पर सभी जाने अनजाने फेसबुक मित्रों को [...]

*** सवेरा ***

कल जब मै नींद से जागा तो सूरज निकल चुका था सौचा सवेरा हो [...]

**** तबस्सुम ***

तबस्सुम कब तलक नजरों से मेरी दूर रह पाओगी कब तलक निगाहों [...]

*** प्लीज हमें ब्लॉक कर दें ***

5.7.17 ** प्रातः ** 8.55 हसीनाओं से गुजारिश है प्लीज़ हमें ब्लॉक कर [...]

*** हमारे कर्मों का साक्षी : शरीर ***

5.8.17 *** प्रातः *** 5.5 हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का साक्षी शरीर ही [...]

***** अब तो ****

दिल टूट चुका है अब तो सब लुट चुका है अब तो कौन बचाये इस मंजर [...]

**** हूं रूख मरुधरा रो ****

हूं रूख मरुधरा रो केर नाम है म्हारो विषम सूं विषम टेम में [...]

*** चंद शेर ***

कशमकश दिल में जुबां पे तुम्हारा नाम आया भरी महफ़िल में फिर [...]

*** कुछ तो हक़ीक़त है ***

मेरी हर बात हकीकत नही होती पर हकीकत से कुछ कम भी नहीं [...]

*** तौबा इन इश्कवालों से ***

कब तलक बरसने का इंतजार करते रहे तुम आज तुम ही कहते हो बस [...]

**** आज भी मेरे अक्स को संभाले है ये तेरी आँखें ****

28.7.17 **दोपहर** 3.31 आज भी मेरे अक्स को संभाले है ये तेरी आँखें देख [...]

*** भावनाओं पर किसका पहरा ***

दिल आखिर दिल जो ठहरा भावनाओ पर किसका पहरा उम्र हसीनाओं [...]

🎂💐पहली सुहागरात💐🎂

तेरी मेरी वो पहली मुलाकात और सुहाग की वो पहली रात जब [...]

*** कुछ हसरतें ***

कुछ हसरतें कुछ ख्वाहिसें दिल में बाकि है पूरा करें तो [...]

*** शेर ***

कत्ल करके पूछते हो दर्द हुआ या नहीं मुहब्बत करके देखो पता चल [...]

*** साथ हमारे ईश्वर है ***

ये जीवन भँवर है आशा और निराशा इन दोनों के बीच का भ्रमण पथ [...]

*** पगडण्डियां ललचाती ***

चलो अब जीवन-पथ पर पगडण्डियां ललचाती है सपाट सड़क आम रास्ता [...]

*** हाँ पानी-पानी ***

हाँ पानी - पानी इस जीवन की रवानी हाँ पानी-पानी बहता निर्मल [...]

*** प्यार तो आकृति से ही होता है **

कोई डगमगाता है तो कोई लड़खड़ाता है जीवन के रास्ते विद्रूप [...]

*** हमारा दिल ***

हमारा दिल अब शीशे का नहीं है जो ठेस लगने से [...]