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Author: Madhumita Bhattacharjee Nayyar

Madhumita Bhattacharjee Nayyar
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

खुशियाँ

याद है मुझे, साल पहले, मेरा हाथ थामे कहा था तुमने, मुझे खुश [...]

गर मुझे किसी भी वक्त पता चल जाये…

गर मुझे किसी भी वक्त पता चल जाये उस आख़िरी पल का, लम्हे [...]

सिलसिला

ख़ामोश है, बेचैन है, हैरान और परेशां भी है, ना किसी से कोई [...]

चोट

कल फिर एक चोट खाई है मैने, एक और घाव चीसे मार रहा है, रिस रहा है [...]

बिना तेरे हाथों को थामे…

कोशिश तो थी तेरे संग चलने की, चल पङी हूँ मैं अब बिना तेरे [...]

दूर…

मीलों दूर हैं हम ना जाने कहाँ हो तुम! दिल लेकिन मेरा पास [...]

शीशे के मर्तबानों के पीछे से…

कई यादें झाँकती हैं इन शीशे के मर्तबानों के पीछे से, कुछ [...]

वक्त का आईना

काश मै इस वक्त को कैद कर पाती, हमेशा-हमेशा के लिए! किसी कैमरे [...]

वादा

अंधेरे जब कभी तुमको डराने लगे, पथरीली राहों पर कदम डगमगाने [...]

बूँदें

कुछ नटखट सी, चुलबुली सी, धरती के सीने पर थिरकती बारिश की [...]

तुम्हारे संग

"तो क्या चलोगी तुम मेरे संग"? तुमने पूछा मुझसे, कुछ इतने करीब [...]

मेरे होंठों का लरजना तुम सुन लो. ..

मेरे होंठों का लरजना तुम सुन लो, इस बेताब दिल का धड़कना तुम [...]

शोख़ियों में घुली शबनम…

शोख़ियों में घुली शबनम, थोड़ी मासूम, थोड़ी नर्म, कभी [...]

नींद

आँखें मेरी खुली हुई, पलकों की झालर के पीछे से एकटक झाँकती [...]

मेरे होंठों का लरजना तुम सुन लो

मेरे होंठों का लरजना तुम सुन लो, इस बेताब दिल का धड़कना तुम [...]

सुरमई सी शाम

नीलम सा आसमां, पुखराजी चंदा, हीरे से चमकते सितारे, मोती से [...]

एक नन्ही सी चींटी हूँ मै..

सतर्क हूँ, सावधान हूँ मै, चौकन्नी और फुर्तीली, छोटी हूँ, पर [...]

बेटी

माँ बाबा आज करो ज़रा हिसाब,  दे दो आज मेरे सवालों के [...]

बेटी

माँ बाबा आज करो ज़रा हिसाब,  दे दो आज मेरे सवालों के [...]

बेटी की अभिलाषा

आज भी मै बेटी हूँ तुम्हारी,  बन पाई पर ना तुम्हारी [...]

गया साल!

बच्चों की मुस्कान सा मासूम, खिलखिलाता, किलोल करता, गया [...]

मासूम ख़्वाब..

कुछ यादें ताक पर धरी हैं, झाङ-पोंछकर, चमका रखी हैं। चंचल सी [...]

वो पुराने दिन..

वो पुराने दिन भी क्या दिन थे जब दिन और रात एक से थे, दिन में [...]

रोशनी सी बिखेरते हैं

रोशनी सी बिखेरते हैं. ... हर एक मौसम में रोशनी सी बिखेरते [...]