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Author: मदन मोहन सक्सेना

मदन मोहन सक्सेना
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मदन मोहन सक्सेना पिता का नाम: श्री अम्बिका प्रसाद सक्सेना संपादन :1. भारतीय सांस्कृतिक समाज पत्रिका २. परमाणु पुष्प , प्रकाशित पुस्तक:१. शब्द सम्बाद (साझा काब्य संकलन)२. कबिता अनबरत 3. मेरी प्रचलित गज़लें 4. मेरी इक्याबन गजलें मेरा फेसबुक पेज : ( 1980 + लाइक्स) https://www.facebook.com/MadanMohanSa

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गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

अर्थ का अनर्थ (अब तो आ कान्हा जाओ)

अर्थ का अनर्थ (अब तो आ कान्हा जाओ) अब तो आ कान्हा जाओ, इस धरती [...]

ग़ज़ल(दुनियाँ में जिधर देखो हज़ारों रास्ते दीखते )

किसको आज फुर्सत है किसी की बात सुनने की अपने ख्बाबों और [...]

बेबसी में मन से बहता यह नयन का तीर है

गज़ल गाना चाहता हूँ ,गुनगुनाना चाहता हूँ ग़ज़ल का ही ग़ज़ल में [...]

मुहब्बत में मिटकर फना हो गया हूँ .

नजर फ़ेर ली है खफ़ा हो गया हूँ बिछुड़ कर किसी से जुदा हो गया [...]

ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक)

ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक) ये रिश्तें काँच से नाजुक जरा [...]

ग़ज़ल( उम्र भर जिसको अपना मैं कहता रहा)

आँख से अब नहीं दिख रहा है जहाँ ,आज क्या हो रहा है मेरे संग [...]

ग़ज़ल ( इस आस में बीती उम्र कोई हमें अपना कहे)

कभी गर्दिशों से दोस्ती कभी गम से याराना हुआ चार पल की [...]

ग़ज़ल (चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है )

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जाये प्रियतम ने प्रिया से [...]

प्यार बिन सूना सारा ये संसार है

प्यार रामा में है प्यारा अल्लाह लगे ,प्यार के सूर तुलसी ने [...]

२६ जनबरी आने बाली है

२६ जनबरी आने बाली है सरकारी अमला जोर शोर से तैयारी कर रहा [...]

नूतन बर्ष २०१७ आप सबको मंगलमय हो

नब बर्ष २०१७ की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। मंगलमय हो आपको [...]

दिल में जो बसी सूरत सजायेंगे उसे हम यूँ

तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमको तुमको पास पायेंगे [...]

आम जनता को क्या मिला

मुझे नहीं पता कि नोटबंदी से कितना कालाधन आया कितने सफेदपोश [...]

मेरी ग़ज़ल

प्रिय मित्रों मुझे बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि मेरी ग़ज़ल [...]

रोशनी से आशियाना यारों अक्सर जलता है

रोशनी से आशियाना यारों अक्सर जलता है जाना जिनको कल अपना आज [...]

भ्रम

कभी मानब ये सोचकर भ्रम में रहता है वह कितना सक्षम ,समर्थ तथा [...]

गज़ल (सभी पाने को आतुर हैं , नहीं कोई चाहता देना)

गज़ल (सभी पाने को आतुर हैं , नहीं कोई चाहता देना) जिसे चाहा उसे [...]

लेखनी का कागज से स्पर्श

लेखनी का कागज से स्पर्श अपने अनुभबों,एहसासों ,बिचारों [...]

(ग़ज़ल/गीतिका)मुझे दिल पर अख्तियार था ये कल की बात है

उनको तो हमसे प्यार है ये कल की बात है कायम ये ऐतबार था ये कल की [...]

मेरी ग़ज़ल जय विजय ,बर्ष -३ अंक २ ,नवम्बर २०१६ में

मेरी ग़ज़ल जय विजय ,बर्ष -३ अंक २ ,नवम्बर २०१६ में प्रिय मित्रों [...]

कुछ शेर

कुछ शेर उसे हम दोस्त क्या मानें दिखे मुश्किल में मुश्किल [...]

चलो हो गयी दीवाली

चलो हो गयी दीवाली दीवाली से पहले सोशल मीडिया पर चीनी [...]

मैं उजाला और दीपावली

बह हमसे बोले हँसकर कि आज है दीवाली उदास क्यों है दीखता क्यों [...]

दिवाली और मेरे शेर

दिवाली और मेरे शेर दिवाली का पर्व है फिर अँधेरे में हम [...]

मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार

मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी [...]

ग़ज़ल (रिश्तों के कोलाहल में ये जीवन ऐसे चलता है )

किस की कुर्वानी को किसने याद रखा है दुनियाँ में जलता तेल औ [...]

परम्पराओं का पालन या अँध बिश्बास का खेल (करबा चौथ )

परम्पराओं का पालन या अँध बिश्बास का खेल (करबा चौथ [...]

मेरी ग़ज़ल जय विजय ,बर्ष -३ अंक १ ,अक्टूबर २०१६ में प्रकाशित

प्रिय मित्रों मुझे बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि मेरी ग़ज़ल [...]

ग़ज़ल (जिसे देखे हुए हो गया अर्सा मुझे)

किस ज़माने की बात करते हो रिश्तें निभाने की बात करते [...]

ग़ज़ल ( मुहब्बत है इश्क़ है प्यार है या फिर कुछ और )

लोग कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती है हम नजरें भी मिलाते [...]