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Author: लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
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मध्यप्रदेश में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत...आई आई टी रुड़की से पी एच डी की उपाधि प्राप्त...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

क्या फल और सब्जियाँ भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं?

आज अख़बार के पन्ने पलटते-पलटते एक खबर पर ज्यों ही नजर पड़ी, तो [...]

तेरे बिन

तेरे बिन ___________ मै यहाँ हूँ दिल वहाँ है बिखरा बिखरा सा अपना [...]

सपना

सपना नहीं टूटा है मेरा और ना ही टूटी हूँ मैं बस एक धुंध में [...]

लो फिर आ गया आत्महत्याओं का मौसम

अभी दसवीं तथा बारहवीं का परीक्षा परिणाम आये एक दिन भी नहीं [...]

हाय ये फेसबुकिया ज्योतिषी

आजकल फेसबुक पर कई लोगों को बड़ा अजीब सा शौक चर्राया है जिसे [...]

हाँ तुम! बस तुम!

झरनों के संगीत में हो तुम नदियों के हर गीत में हो तुम सूरज की [...]

रोज़ शाम होते ही

रोज शाम होते ही समेटने लगती हूँ मैं दिन भर के अपने आप को अपने [...]

पापा! जीवन जी कर दिखाते हैं

पापा नहीं सिखाते कैसे जीना है जिंदगी वो तो जीवन जी कर दिखाते [...]

पापा! मेरे लिए महान तुम्हीं हो!

पुण्यतिथि पर पापा की याद में *********************** थाम के मेरी नन्ही [...]

करें क्यूँ कोख ख़ाली है

जहाँ की रीत भी देखो, भला कैसी निराली है हैं नौ दिन पूजते देवी, [...]

हर सफर में मुस्कुराना चाहिए

फ़ासलें दिल के मिटाना चाहिए फूल होठों पर खिलाना चाहिए हर दुआ [...]

ज़िन्दगी के बदलते रंग

दिनों दिन मेरे जज्बात बर्फ की तरह होते जा रहे हैं झक [...]

मनाओ मिलकर होली

टेसू, सेमल खिल उठे, बजे बसन्ती राग मस्ती, रंग, गुलाल से, देखो [...]

इस होली रंग लो मुझे, साजन अपने रंग

खुशियाँ लेकर आ गया, होली का त्यौहार गाल रंगे गुलाल से, रंगों [...]

देख फिर आई होली

पीली सरसों ने किया, स्वर्ण कनक मनुहार नीली अलसी मिल हुआ, अजब [...]

तुम बिन कब तक रहूँ अधूरी

जब से गये हो तुम मेरे सजना याद नहीं दिन रात महीना दिन सूना [...]

क्योंकि आँखे अक्सर धोखा दे देती हैं

आँखों देखी भी अक्सर झूठ हुआ करती हैं आधा-अधूरा सच या पूरा [...]

क्या मुर्दे भी कभी कुछ सोचते हैं

ना मैं कुछ देख सकता हूँ ना सुन सकता हूँ और ना ही मैं कुछ बोल [...]

शिवशक्ति फिर आ जाओ… हर युग की पुकार हो

तीनों लोकों के कर्ता जीवन का आधार हो शिवशक्ति फिर आ जाओ हर [...]

मैं और मेरा चाँद

मैं और मेरा चाँद अक्सर अँधेरी रातों में चाय की प्यालियों [...]

काँटों को अपनाकर देखें

आओ फूल खिलाकर देखें काँटों को अपनाकर देखें खुली आँख से [...]

ऐ खुदा, सुन ले दुआऐं, ग़म का अब रोज़ा रहे

जिंदगी में हर तरफ बस प्यार ही बिखरा रहे ऐ खुदा, सुन ले दुआऐं, [...]

नया जीवन सजाया है

तुम्हारा हाथ जो साजन मेरे हाथों में आया है बजे संगीत धड़कन [...]

अक्सर याद बहुत तुम आती हो…….मीठा सा दर्द जगाती हो

यादों में जब तुम आती हो रुनझुन पायल छनकाती हो खुशियों का मन [...]

डर के आगे जीत है (संस्मरण)

आज सोशल मीडिया पर एक मित्र द्वारा प्रेषित ये फोटो देखकर मुझे [...]

जिंदगी की चार दिशाएँ

मेरे दोनों हाथ, दोनों पैर बँट गए हैं चारों दिशाओं में और मेरा [...]

शुभ बसन्त

नए पल्लव, खिली सरसों, है बौराई सी अमराई बसन्ती रंग में मिल फाग [...]

हमारी देशभक्ति

जनवरी के अंतिम हफ्ते में कुकुरमुत्ते की तरह उग आती [...]

आधा सावन बीत गया है, बालम मोहे मन भाने दो

कब से मुझसे कहते साजन सावन को तुम आने दो आधा सावन बीत गया [...]