साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: Kokila Agarwal

Kokila Agarwal
Posts 50
Total Views 440
House wife, M. A , B. Ed., Fond of Reading & Writing

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

अंतहीन यात्रा

शरीर, क्या है, बस जन्म लेने का माध्यम या फिर एक सौभाग्य भी जन्म [...]

नंगे पांव

अंजिली आखिर कितनी देर आंसुओं से तन मन भिगोती , रात कब तक अपनी [...]

जीवन साथी

छीना मेरे अधिकारो को बोलो तुमने क्या पाया साथी बन यूं साथ [...]

अनकही

छीन मेरे अधिकारो को बोलो तुमने क्या पाया साथी बन यूं साथ [...]

बचपन

मैं अक्सर सोचती हूं रात के गहरे अंधेरो में न जाने क्यूं वो [...]

स्तब्ध

छवियां तो धूमिल हो जातीं हैं पर प्रेम समर्पण अब [...]

बाल दिवस पर

चलो बचपन की यादों को खुदी से बांट लूं मैं आज पलको में सजे [...]

अंतर्द्वंद

किसी का किसी पर कैसा अधिकार मैं तू से या तू मैं से जीवन्त [...]

पत्नियो के नाम

आज की रचना पत्नियों के नाम-- तिनका तिनका जोड़कर पत्नी जी [...]

आस

पांच साल बाद बेटा बहू और पोते को लेकर दिवाली पर घर आ रहा था। [...]

चारदिवारी

गुज़रते गुज़रते ज़िंदगी कहां आ गई है। सब समेटने में कब सब [...]

दोहे

जीवन की ये चाकरी मुझको नहीं सुहाय थामूं बहिया अापकी मुझको [...]

कोहरा

बहुत सोचा कि अश्को को भुला फिर मुस्कुराऊंगी कभी मुझसे कभी [...]

सोच

सोचती थी क्या तुम्हारी सुगंध को मेरी खुशबू रास आयेगी क्या [...]

झूठ सच से क्या बोलता रहा

झूठ सच से क्या बोलता रहा सच सच न रहा झूठ बन गया नफरतों की [...]

विलाप

विलाप ये कैसा विलाप मद्धम स्वर की चीत्कारें अंतरिक्ष में [...]

सोच

कभी कभी सोचती हूं भगवान सुनता है क्या बहुत ही छोटी होती है [...]

सोच

गहराईयां कितनी समय की गर्भ में पर कुछ नहीं एक हलचल थी कहीं [...]

सुप्रभात

इतने बरस में हमने जाना हार जीत बेमानी है बस में अपने कुछ नहीं [...]

मुक्तक

गांठ दिल की तुम कहो तो खोल दूं देख ली दुनिया बहुत क्या मोल [...]