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Author: kamni Gupta

kamni Gupta
Posts 41
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I am kamni gupta from jammu . writing is my hobby. Sanjha sangreh.... Sahodri sopan-2 Deepshikha Satyam prabhat Mehkte lafz.

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

ऐ ज़िन्दगी !

अजीब कशमकश से गुज़र रही है क्यूं। ऐ ज़िन्दगी आजकल संवर रही [...]

हाइकू !

१. प्रकृति आपदा हर पल है डरे मानव अब बचाए कौन [...]

ग़ज़ल(आजकल)

आजकल कुछ ऐसा दस्तूर हो गया है। पैसा ही सब का जी हुजूर हो गया [...]

लगता है !

लगता है दिल हाथ से जाता रहेगा। नगमें मुहोब्बत के गाता [...]

सच यह भी झुठला नहीं सकता !

बात दिल की बता नहीं सकता। गीत भी गुनगुना नहीं सकता। तुम तो [...]

ग़ज़ल

सुख दुख का मिश्रण यह संसार है। मिलता मुशकिल से सच्चा प्यार [...]

ग़ज़ल

कभी कभी खुद को यूं समझाना चाहिए। सोच समझ कर दिल कहीं लगाना [...]

ग़ज़ल

हवाएं भी कहीं नदी का रुख बताती तो हैं। खामोशी से ही मगर पैगाम [...]

बेटियां

हर जगह अपना नाम कमा रही हैं बेटियां। घर की ज़िम्मेदारी उठा [...]

भुजंगी छन्द

करें वायदा तो निभाएं वहीं भले साथ कोई चले या नहीं खुशी ही [...]

सूखे पत्तों पर

सूखे पत्तों की अभी सरसराहट बाकि है। तुम्हारे आने की यूंही [...]

तिरंगा

जीवन तो है आना जाना। अपने फर्ज कभी न भुलाना। अपने वतन पर [...]

सच्चा सुख

काज सभी ऐसे करें,जग का हो कल्याण रहे न कोई भी दुखी,बढ़े सभी का [...]

श्याम

मन में बसी श्याम की मनमोहक काया। सजे अधर पे बंसी सुर मधुर [...]

खामोश जब मैं हो जाऊंगा

खामोश जब मैं हो जाऊंगा। न फिर तुमको नज़र आऊंगा। अब तो कहते [...]

प्रकृति

प्रकृति के प्रकोप से सहम गया इन्सां मंज़िल भी पुकारे पर [...]

वक्त के आगे जो झुकते नहीं हैं

वक्त के आगे जो झुकते नहीं हैं। गल्त रास्ते जो चुनते नहीं [...]

कविता या कहानी नहीं

कैसे कह दूं मैं कोई कहानी। न मैं कोई कवि न मैं कोई [...]

मेरा वतन

1-सरहद पर जब जब दुशमन ने वीरों को ललकारा है। बड़ते रहे कदम [...]

कह न पाए

१-वो बातें अकसर घायल करती रही! चाह कर भी न कह पाए जो हम [...]

हसरतें

हसरतें दिल में लिए न खामोश रहो तुम कह भी दो अधरों से न रहो खुद [...]

हमारा देश

बात जब देश की हो तो हर देशवासी अपने देश को प्रगति की राह में [...]

खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ

खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ। तुम समझते हो मैं चुप ही रहता [...]

शेर

बाँट सकूं गम तुम्हारे बस इतनी सी तमन्ना है! खुशियों में गर [...]

जिस दिन सरहद पर जाऊंगा

बाल कविता बन सिपाही जिस दिन सरहद पर जाऊंगा! दुशमन को फिर उस [...]

जो रोज़ बड़ों का अपने आशिष पाते हैं

जो रोज़ बड़ों का अपने आशिष पाते हैं। कांटे उनकी राहों से खुद [...]

देश के वीरों को सलाम

है सलाम देश के वीरो तुम्हें शत शत नमन तुम्हीं से कायम आन खिला [...]

कौन किसी के लिए रोता है

कहीं चाहतों का असर बेशुमार होता है। पर सच में कौन किसी के लिए [...]

चेहरा मेरा आया होगा

मेरे जिक्र ने तुमको भी पल-भर के लिए चौंकाया होगा। घड़ी भर के [...]

कुछ गीला लिखा नहीं है

कागज़ पर कुछ गीला लिखा नहीं है। शायद कोई दर्द नया मिला नहीं [...]