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Author: kalipad prasad

kalipad prasad
Posts 47
Total Views 372
स्वांत सुखाय लिख्ता हूँ |दिल के आकाश में जब भाव, भावना, विचारों के बादल गरजने लगते हैं तो कागज पर तुकांत, अतुकांत कविता ,दोहे , ग़ज़ल , मुक्तक , हाइकू, तांका, लघु कथा, कहानी और कभी कभी उपन्यास के रूप में उतर जाते हैं | कवितायेँ कहानियाँ समाचार पत्रिका में प्रकाशित होती रहती है | दो कविता संग्रह प्रकाशित हो चुकी है |

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मुक्तक

दो मुक्तक रंग श्याम हैं कृष्ण कन्हैया, राधा रानी हैं गोरी [...]

गीतिका /गजल

गीतिका ********* बेवफा रिश्ते निभाने आ गया आज मुझको आजमाने आ गया [...]

गीतिका /गजल

आजादी तुम्हे जो मिली उसको न गँवाना जो तोड़ने की बात करे उसको [...]

ग़ज़ल /गीतिका

इस जीस्त से निराश हूँ मैं, यार क्या करूँ कुछ भी तो सूझता है [...]

ग़ज़ल /गीतिका

जो गया जग छोड़कर, उसको कभी आना नहीं वह शरण में है रब के, कोई और [...]

ग़ज़ल /गीतिका

सादगी है भली जिंदगी के लिये तीरगी फैली है रौशनी के लिये [...]

ग़ज़ल

नंदन प्यारा था दुलारा था, सहारा न हुआ मेरा खुद का ही जलाया [...]

ग़ज़ल /गीतिका

नंदन प्यारा था दुलारा था, सहारा न हुआ मेरा खुद का ही जलाया [...]

ग़ज़ल

हमने जब वादा किया तो मुस्कुरा देने लगे दोस्ती में वो मुझे इक [...]

मुक्तक

दो मुक्तक उदय उदयाचल से उदित हुआ नव रश्मि दिनमान रक्तिम [...]

ग़ज़ल

बखेडा वतन को मिटाता रहा है जमाना यहाँ घर बसाता रहा है | यही [...]

ग़ज़ल

काले बादल से हवा में भी नमी लगती है | दिल के रोने से ये आँखे भी [...]

ग़ज़ल /गीतिका

खुशबू नहीं शबाब नहीं अब गुलाब में कैसे कहूँ कशिश भी नहीं अब [...]

ग़ज़ल

प्यार की धुन को बजता जायगा राज़ जीवन का सुनाता जायगा | पल दो [...]

ग़ज़ल

न किसी को कभी रुलाना है हर दम हर को तो हँसाना है|१ कर्मों के [...]

ग़ज़ल /गीतिका

बन्दे का काम घेर, उसूलों ने ले लिया है गलतियाँ रहस्य, बहानों [...]

दोहे

नोट बंद जब से हए, लम्बी लगी कतार बैंकों में मुद्रा नहीं, जनता [...]

ग़ज़ल

कुछ को लगा कि नाव डूबता नज़र आ रहा है तो कोई अपनी सत्यता का गीत [...]

ग़ज़ल

कमजोर जो हैं तुम उन्हें बिलकुल सताया ना करो खेलो हँसो तुम तो [...]

दोहे

प्रभु मेरे क्या हो गया, पटरी नीचे ट्रेन स्वर्ग सिधारे लोग सौ, [...]

कविता

सागर पर्वत दरिया पादप, सुंदर हर झरना नाला थे सुन्दर वन जंगल [...]

गीतिका

गीतिका पदांत –है , समान्त –इले, मात्रा प्रति पद – २४ लगता तो [...]

ग़ज़ल /गीतिका

ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुए सहिष्णुता सभी की [...]

गीत

मिटटी से मेरा जनम हुआ, मिटटी में मिल जाता हूँ छोटी सी है [...]

गीतिका /गजल

परीक्षा जिन्दगी की, हल को बारम्बार पढ़ लेना अनूठी जिन्दगी है [...]

सरहद

हम हैं जवान रक्षक देश के, अडिग जानो हमारा अहद, प्रबल चेतावनी [...]

दो मुक्तक

स्वदेश : जन्मभूमि को कभी भूलो नहीं, यही है स्वदेश पढ़ लिख कर [...]

तुकांत कविता

हम हैं जवान रक्षक देश के, अडिग जानो हमारा अहद, प्रबल चेतावनी [...]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका ----नौ दुर्गा –प्रार्थना बहर: २१२२ २१२२ २१२२ २१२ रदीफ़ : [...]

ग़ज़ल/गीतिका

ना करो ऐसे कुछ, रस्म जैसे निभाती हो आरसी भी तरस जाता, तब मुहँ [...]