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Author: kalipad prasad

kalipad prasad
Posts 54
Total Views 1,288
स्वांत सुखाय लिख्ता हूँ |दिल के आकाश में जब भाव, भावना, विचारों के बादल गरजने लगते हैं तो कागज पर तुकांत, अतुकांत कविता ,दोहे , ग़ज़ल , मुक्तक , हाइकू, तांका, लघु कथा, कहानी और कभी कभी उपन्यास के रूप में उतर जाते हैं | कवितायेँ कहानियाँ समाचार पत्रिका में प्रकाशित होती रहती है | दो कविता संग्रह प्रकाशित हो चुकी है |

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

संकल्प से सिद्धि (गीत)

संकल्प से सिद्धि’ (गीत) ‘संकल्प से सिद्धि’ का नारा, भारतवर्ष [...]

नाम में कुछ है

विद्यालय का यह रिवाज़ था कि जो भी कर्मचारी सेवा निवृत होता था, [...]

ग़ज़ल /गीतिका

दुअम्ली पाक सेना हार कर आजरफ़िशां क्यूँ हो हमेशा ही हमारे वीर [...]

ग़ज़ल /गीतिका

अब लूटपाट स्त्रीत्व हरण, सब चरम हुए व्यभिचार छल कपट, यही सबके [...]

ग़ज़ल /गीतिका

मीना–ए-मय में’ मस्त सहारा शराब है गुज़र गया है’ वक्त, नहीं अब [...]

दोहे

दोहे अपनी ही आलोचना, है मुक्ति प्राप्ति मार्ग गलती देखे और [...]

ग़ज़ल /गीतिका

बिन तेरे जिंदगी में’ पहरेदार भी नहीं दुनिया में’ अब किसी [...]

मुक्तक

दो मुक्तक रंग श्याम हैं कृष्ण कन्हैया, राधा रानी हैं गोरी [...]

गीतिका /गजल

गीतिका ********* बेवफा रिश्ते निभाने आ गया आज मुझको आजमाने आ गया [...]

गीतिका /गजल

आजादी तुम्हे जो मिली उसको न गँवाना जो तोड़ने की बात करे उसको [...]

ग़ज़ल /गीतिका

इस जीस्त से निराश हूँ मैं, यार क्या करूँ कुछ भी तो सूझता है [...]

ग़ज़ल /गीतिका

जो गया जग छोड़कर, उसको कभी आना नहीं वह शरण में है रब के, कोई और [...]

ग़ज़ल /गीतिका

सादगी है भली जिंदगी के लिये तीरगी फैली है रौशनी के लिये [...]

ग़ज़ल

नंदन प्यारा था दुलारा था, सहारा न हुआ मेरा खुद का ही जलाया [...]

ग़ज़ल /गीतिका

नंदन प्यारा था दुलारा था, सहारा न हुआ मेरा खुद का ही जलाया [...]

ग़ज़ल

हमने जब वादा किया तो मुस्कुरा देने लगे दोस्ती में वो मुझे इक [...]

मुक्तक

दो मुक्तक उदय उदयाचल से उदित हुआ नव रश्मि दिनमान रक्तिम [...]

ग़ज़ल

बखेडा वतन को मिटाता रहा है जमाना यहाँ घर बसाता रहा है | यही [...]

ग़ज़ल

काले बादल से हवा में भी नमी लगती है | दिल के रोने से ये आँखे भी [...]

ग़ज़ल /गीतिका

खुशबू नहीं शबाब नहीं अब गुलाब में कैसे कहूँ कशिश भी नहीं अब [...]

ग़ज़ल

प्यार की धुन को बजता जायगा राज़ जीवन का सुनाता जायगा | पल दो [...]

ग़ज़ल

न किसी को कभी रुलाना है हर दम हर को तो हँसाना है|१ कर्मों के [...]

ग़ज़ल /गीतिका

बन्दे का काम घेर, उसूलों ने ले लिया है गलतियाँ रहस्य, बहानों [...]

दोहे

नोट बंद जब से हए, लम्बी लगी कतार बैंकों में मुद्रा नहीं, जनता [...]

ग़ज़ल

कुछ को लगा कि नाव डूबता नज़र आ रहा है तो कोई अपनी सत्यता का गीत [...]

ग़ज़ल

कमजोर जो हैं तुम उन्हें बिलकुल सताया ना करो खेलो हँसो तुम तो [...]

दोहे

प्रभु मेरे क्या हो गया, पटरी नीचे ट्रेन स्वर्ग सिधारे लोग सौ, [...]

कविता

सागर पर्वत दरिया पादप, सुंदर हर झरना नाला थे सुन्दर वन जंगल [...]

गीतिका

गीतिका पदांत –है , समान्त –इले, मात्रा प्रति पद – २४ लगता तो [...]

ग़ज़ल /गीतिका

ग़ज़ल अवाम में सभी जन हैं इताब पहने हुए सहिष्णुता सभी की [...]