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Author: Jitendra Anand

Jitendra Anand
Posts 141
Total Views 679
हम जितेंद्र कमल आनंद को यह साहित्य पीडिया पसंद हैं , हमने इसलिए स्वरचित ११४ रचनाएँ पोस्ट कर दी हैं , यह अधिक से अधिक लोगों को पढने को मिले , आपका सहयोग चाहिए, धन्यवाद ----- जितेन्द्रकमल आनंद

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

जग गया भारत : जितेंद्रकमल आनंद ( पोस्ट १६२)

जग गयी भारत हमारा देश भावन। छँट गये बादल तमिस्रा के घनेरे [...]

मंजरी को चाहता हूँ ( गीत ) पोस्ट -२३जितेंद्रकमलआनंद( पोस्ट१६५)

माधुरी को चाहता हूँ ( गीत ) तुम हिरन सम मरुथलों में दौडना [...]

घनाक्षरी:: मेरे लिए कुछ भी न दूर और : जितेंद्र आनंद( पो १६३)

मेरे लिए कुछ भी न दूर और समीप ही, मेरा प्रतिबिम्ब ही तो होता [...]

मुक्तक: हर सुबह एक नई प्यास: जितेंद्रकमलआनंद( पोस्ट१६२)

हर सुबह एक नई आस लिए होती है । हर दोपहर अमिट प्यास लिए होती है [...]

हम मानव हैं हरित धरा के :: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट १५९)

हम मानव हैं हरित धरा के ,मानवता से नाता है । भारत भाग्य विधाता [...]

हरषाती धूप : जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट १६१)

गीत: हरषाती धूप जाड़े के मौसम में हरषाती धूप खेतों में , [...]

यह ब्रह्मही है आत्मा ,आत्माही है: जितेन्द्र कमल आनंद ( पो १४२)

घनाक्षरी ----------- यह ब्रह्म ही है आक्मा, आत्मा ही ब्रह्म [...]

सत्यके सुदर्शन जिसे होते हैं:: जितेंद्रकमल आनंद ( पोस्ट१४०)

घनाक्षरी:-- ---------- सत्यके सुदर्शन जिसे होते हैं अलौकिक , आत्मपद [...]

फिर एक ग़ज़ल — जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट १४०)

गॉव के पोखर में खिल उठे कमल सॉसों में पल गई फिर एक [...]

स्वप्नवत् हो भ्रांतियॉ जिसके :: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१३९)

स्वप्नवत हो भ्रांतियॉ , जिसके बोधोदय से, उस सुखरूपी शॉत, [...]

युग निर्माण करें सब मिलकर::– जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट १३८)

युग निर्माण करें सब मिल कर, मानवताके पथ पर चलकर । परम [...]

प्रिये लेखनी , सखी — संगिनी :– जितेंद्रकमल आनंद ( पोस्ट १३७)

प्रिये लेखनी , सखी - संगिनी , तुमको सम्बोधन क्या -- क्या दूँ [...]

नीरसमें भी रसमिलता है :– जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट१३६)

भले लगे प्रतिकूल सत्य यह , नीरस में भी रस मिलता है माना साथ [...]

१३५ : अंतस जब दर्पण बन धुँधलाता यादों को — जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट१३५)

अंतस जब| दर्पण बन धुँधलाता यादों को । विरहाकुलनयनों से नीर [...]

मुक्तक: हर सुबह एक नई आस लिए होती है:- जितेंद्रकमलआनंद( १३२)

मुक्तक ::--- ------++ हर सुबह एक नई आस लिए होती है दोपहर एक अमिट [...]

ओंकार, अघनाशक,परम आनंद हैं जो: जितेंद्र कमल आनंद ( १३१)

ओंकार, अघनाशक ,परम आनंद हैं जो , क्यों न करें भक्त यशगान आठों [...]

काव्य से अमृत झरे,वेदका वह सार दें:- जितेंद्र कमल आनंद ( पो १३०)

सरस्वती -- वंदना ----------------------- काव्यसे अमृत झरे, वेद का वह सार [...]

जो पिता से प्यार करतीं वो हमारी वेटियॉ: जितेंद्र कमल आनंद ( पो १२९)

गीत ------- जो पिता से प्यार करतीं, वो हमारी वेटियॉ हैं । सूर्यको [...]

भक्ति- योग से राज- शक्ति का जब हो भण्डारन बाला ( पोस्ट १२८)

मुक्तक :: भक्ति-- योग से राज - शक्ति का जब हो भण्डारन , बाला! असुर [...]

समय बदलते सूखी धरती मुस्काती :: जितेंद्र कमल आनंद

मुक्तक ( पोस्ट १२७) ----------------------- समय बदलते सूखी धरती मुस्काती [...]

घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२६)

घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में माना ,बाला ! यात्रा शभ हो [...]

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२५)

मुक्तक --------- आओ मिलकर मनायें दीपावली । ज्योतिर्मयी दीप-- [...]

यज्ञ के लिए भी पंच गव्य जो प्रदान करें:- जितेंद्र कमल आनंद ( पोस्ट१२४)

घनाक्षरी ::: गौ माता ----------------------- यज्ञ के लिए भी पंच गव्य जो [...]

परहितार्थ हम जैसा करते सत्य उसी को:– जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२२)

कविता ----------+ परहितार्थ हम जैसा करते , सत्य उसी को कहा है जाता [...]

बाद| तुम्हारे जाने के कल::: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट १२१)

गीत:: बाद तुम्हारे जाने के कल ----------------------------------- ( शेष भाग ) व्यर्थ [...]

बनें सभी सत्पथ अनुगामी ::: जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट११९)

गीत व्यर्थ की हठता ,आज विवशता, कल परवशता मत रोये क्षणिक [...]

उड़ चला हंस फिर विश्वास पा कर”: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट११९)

गीतिका ******** रश्मियों ने सूर्य जब से वर लिए हैं तामसिक संताप [...]

सुंदर हो सपने कैसे साकार लिखो :: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट ११८)

गीतिका ----------- सपने हो कैसे साकार लिखो । स्वर्णिम हो [...]

मुक्तक ::: बना रहे सम्बंध प्यारका::: जितेन्द्र कमल आनंद ( ११७)

मुक्तक ******* बना रहे सम्बंध प्यार का शुभ दिन - राती । हम लिखते [...]