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Author: Shanky Bhatia

Shanky Bhatia
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

पन्नों पे जो लिखा उन्हें, कलम नशीला हो गया

पन्नों पे जो लिखा उन्हें, कलम नशीला हो गया, इस कदर बस गए हैं वो, [...]

एक ख्वाब गुज़रा आज बड़े करीब से

एक ख्वाब गुज़रा आज बड़े करीब से, उनकी झलक मिली हमें बड़े नसीब [...]

दीपावली

सब खुशियों के दीप जलाएं, मिल-जुल कर दीपावली मनाएं। प्रेम से [...]

हमारी ग़ज़लों से नशा, हर हसीं को होता है

हम आप पर कर भी नहीं सकते नवाज़िशें, कि जिन पर आप का हो करम हक [...]

हाँ तेरी नजरों में खुद को गिराना पड़ गया

तुझे छोड़ने की वजह, वजह नहीं मजबूरी थी, किसी दुसरे का साथ [...]

खेल चुके हो तो दिल वापस कर दो

आपने हमसे जो की है दरख्वास्त, खेल चुके हो तो दिल वापस कर दो। [...]

अब उम्र भर आंसू का, फरमान हुआ तो क्या हुआ

जो इश्क़ के व्यापार में नुकसान हुआ तो क्या हुआ, गर इश्क़ के [...]

ये ज़माना अभी बेखबर ही रहे तो बेहतर है

उनके एहसास छलककर हम तक पहुँचना चाहते हैं, ज़ुबाँ पर न आएँ, [...]

जन्मदिन की शुभकामनाएं

एक मित्र के जन्मदिन के अवसर पर लिखी कविता। आपके जीवन में ये [...]

उनके खिलाफ होना भी, मंज़ूर है हमें

वो सोचते हैं, हम उनके साथ नहीं, उनके सामने, उनके खिलाफ, क्यों [...]

आप गर मुड़कर चल दिए कभी, साँसे भी चलें गनीमत है हमारी

बेशक वैसे तो बेमोल हैं हम, तुम से ही कीमत है हमारी। तुम को [...]

गालों पर हल्का सा उभरता ये गुलाल कैसा है

वो हमसे पूछ रहे हैं कि हमारा हाल कैसा है, उन्हें क्या बताएं कि [...]

अब हमको भी लगने लगा कि आए इश्क के बाज़ार में हैं

वो नहीं जानते, कि क्यूँ वो हमारे इंतज़ार में हैं, छा गया है [...]

पलकें झुकाकर, ज़ुल्फ़ों को संवारा उसने

कुछ पल उसको एकटक, यूँ निहारा हमने, पलकें झुकाकर, ज़ुल्फ़ों को [...]

बहुत खुशनसीब होती हैं बेटियाँ

बेटियों को बदनसीब माना जाता है क्योंकि उन्हें अपना घर [...]

एक खुमार सा छाया, लहर फूटने लगी

उन्होंने हमारी शान में दो बोल क्या कहे, एक खुमार सा छाया, लहर [...]

हमारी बातों में, ज़िक्र आपका, सालों साल होना तो लाज़मी है

कल सरे-राह नसीब से, जो हो गया दीदार उनका, अब हमारा इस तरह यूँ, [...]

मैं तन्हा रात काली स्याह देखती रही

उनके बिना दीवारें भी मुझे काटने लगीं, मैं अनजानी हर अनजान [...]

हाँ, मैं महसूस करना चाहता हूँ

हाँ, मैं महसूस करना चाहता हूँ, तुम्हारी केवल सुंदरता को ही [...]

उसकी मासूमियत को हम आँखों से पढ़ लेते हैं

हमने खुद ही उन्हें हमसे खफ़ा होने की वजह दे दी, कि गुस्से में [...]

फूल जिनके खिलने से महका था हिन्दुस्तान कभी

हाँ बेशक गाँधी और शास्त्री का ज़माना अब नहीं रहा, पर अब भी महक [...]

फिर कभी दिल टूटा नहीं मेरा

खुद से दिल लगा कर जब देखा, फिर कभी दिल टूटा नहीं मेरा। दूसरों [...]

तेरा श्रृंगार है मेरी आँखों में

हाँ सच है तुझे देखा तो नहीं, इक तस्वीर तेरी है आँखों [...]

नज़रें झुक गयी जबसे तुम्हारी अज़मत जानी है

कितनी ठोकरों के बाद हमने तुम्हारी कीमत जानी है, जीवन संवर [...]

तेरी हर घड़ी और पल पल में हम हैं

तेरी हर घड़ी और पल पल में हम हैं, तेरी साँस साँस हर धड़कन में [...]

कभी तुम भी तो लौटकर आओगे हमारे पास

दुनिया तुम्हें चाहे कितना भी करे निराश, एक हाथ होगा तुम्हारे [...]

कुछ तो बात हम में भी है

अरे होंगी हज़ार कमियाँ यार, कुछ तो बात हम में भी है। सबको अपना [...]

आपकी मुस्कान से हमें प्रेरणा मिली है

शुक्रिया, कि आपकी मुस्कान से हमें प्रेरणा मिली है, पर आपके इस [...]

आपने कर दिया इज़हार, हम अब भी उलझन में हैं

आपकी आँखों को हमारे चेहरे की आदत हो गयी। अभी इस नशे को बहुत [...]

उनकी महक से मौसम भी बहकने लगा

उनसे मिलकर ख़ुशी कुछ ऐसी मिली, कि होठों के साथ आँखें भी [...]