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Author: इंदु वर्मा

इंदु वर्मा
Posts 15
Total Views 803
मैं "इंदु वर्मा" राजस्थान की निवासी हूं,कोई बहुत बड़ी लेखिका या कवयित्री नहीं हूं लेकिन हाँ लिखना अच्छा लगता है सामाजिक विषयों और परिस्थितियों पर मन और कलम का गठबंधन करके ☺ कोई किताब या पत्रिका भी नहीं छपी पर हां सोशल साइट पर बड़ी संख्या में कॉपी पेस्ट और उन पर सकारात्मक और भावनात्मक टिप्पणियों और दोस्तों के द्वारा उत्साहवर्धन से लगा "हां मैं भी लिख सकती हूं"😝 और लिखूंगी ☺

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

छोले पुड़ी सी नमकीन और हलवे सी मीठी यादें…

#छोले_पूड़ी_सी_नमकीन_हलवे_सी_मीठी_यादें "तेरे पास कितने रुपये [...]

“बहुत कुछ शहीद होता है” 😢

हां बहुत कुछ शहीद होता है एक सैनिक के साथ उम्र भर साथ निभाने [...]

“बचपने वाला बचपन” 😊

दुबका पड़ा है घर का हर कोना छुपम छुपाई में कोई छुपता नहीं [...]

“हे प्रिये” 😜

तुम सीख लिखे से श्यामपट्ट मैं बिन शिक्षक सी शाला प्रिये तुम [...]

“माँ मुझे डर लगता है”😢

मां मुझे डर लगता है . . . . बहुत डर लगता है . . . . सूरज की रौशनी आग सी [...]

“प्रेमगीत” 😊

दिल चाहता हैं मैं भी प्रेमगीत लिखूँ शब्दों से सजाकर अपना [...]

“खुबसीरत” सी बेटियाँ” :)

कितना आसान है न.... गैरों की बेटियों का वजूद तय कर जाना … नज़रिए [...]

” चलो इक दूजे से कुछ ऐसे मिल जायें” ☺

चलो इक दूजे से कुछ ऐसे मिल जायें। पानी में जैसे,कोई मिश्री [...]

“शरीर ही तो झुलसा है”

शरीर ही तो झुलसा है... रूह में जान अब भी बाकी है.. हिम्मत से [...]

“दिल में बसता बचपन का बस्ता” :)

एक लाइन वाली,चार लाइन वाली और डब्बे वाली, तीन तरह कॉपियां [...]

“एंटीने वाली कहानी”😊

"अब साफ़ आया??? नहीं झर झर आ रहा है... थोड़ा सा और टेढ़ा कर हाँ हाँ अब [...]

दीयों में जल रहा बचपन

"साहब साहब 10 के छः हैं ले लीजिये न एक दम पक्के हैं देखो तो [...]

“कोई कुछ तो बता दो बस इक बार”:(

गाँव शहर या छत आँगन गली मोहल्ला और बाजार लूँ सांस कहाँ बेडर [...]

“खुदा को रुलाता बचपन”

भीख के कटोरे में मजूबूरी को भरकर... ट्रॅफिक सिग्नल पे ख्वाबों [...]

“अगले जनम मोहे बिटिया न देना” 😢

माँ बहुत दर्द सह कर, बहुत दर्द दे कर, तुझसे कुछ कह कर मैं जा [...]