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Author: Bikash Baruah

Bikash Baruah
Posts 95
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मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा हू और मेरी दो किताबें "प्रतिक्षा" और "किसके लिए यह कविता" प्रकाशित हो चुकी है ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

कभी अगर चाहो तो

कभी अगर चाहो तो मेरे बारे में सोच लेना, फुर्सत मिले तुम्हें [...]

हरेक दिन अमावस

जल रहे है दिए घरों में रौशनी फैलाए, चारों ओर खुशी की रौनक मन [...]

किसे कोसूँ

एक तरफ रोकता है यह हाथ जुर्म करने को, वही दूसरा हाथ दागदार है [...]

दर्द सह लूंगा

दर्द सह लूंगा मैं यूंही जिंदगी गुजार दूंगा मैं यूंही, शिकवा [...]

एक घर चाहिए मुझे

एक घर चाहिए मुझे जो ईंट पत्थर से नहीं बना हो प्रेम जज्बात से, [...]

रावण का वध

कौन कर सकेगा आज रावण का वध, गलि गलि में भरे हुए हैं रावण [...]

माँ दुर्गा

कई दुर्गाओं को आज मैंने हाथ फैलाए दुर्गा के सामने ही खड़ी [...]

वक्त

कपड़ों से तन को ढका जाता है ना कि दिखाया जाता, मगर आजकल यह [...]

गुलशन

गुलशन सजते है गुलों से पतझड़ से, खारो से नहीं। भंवरा कलि को [...]

मैं मृत कहलाऊंगा

शायद यह मेरा अंतिम क्षण है होंठ सुख गए है शरीर शीतल हो गया [...]

फूलों की किस्मत

बाग में महकने वाले फूलों को माली संभाल लिया करते है, मगर [...]

गुरबत

फिर एक बार शरत आया है अपने साथ लेकर नवरात्रि का पर्व , चारो [...]

नेताओं की वाणी

नेताओं की वाणी पर हरगिज विश्वास न करना ऐ मेरे भोले [...]

मोहब्बत

लड़खड़ाता है होंठ मेरा जब भी दिल की बात जुबान पर लाने की [...]

स्वार्थी

कौन कहता है कि वह स्वार्थी नहीं, मुझसे पूछो अगर मैं कहूंगा [...]

एक तिली हूँ

यह सच है मैं एक तिली हूँ, मुल्य मेरा कुछ नहीं , अस्तित्व मेरा [...]

कोशिश

तपती सड़क पर नंगे पाँव चलना उतना ही मुश्किल जितना महाकाश [...]

हिन्दी मेरी प्यारी

सारे जहाँ से अच्छा हिंदी और हिन्द हमारा, हमें नाज है दोनो पर [...]

पानी

कहीं पर बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे लोगों की कतार दिखाई [...]

मुक्तक

भगवान् को खोजे मंदिर में अल्लाह को खोजे मस्जिद में, पर [...]

आपकी बेवफाई

जरा सी बात पर आपको क्यों इतना गुस्सा आया, यकीन था हमें आपकी [...]

घृणा

घृणा करो अगर घृणित न हो, घृणित होकर अगर घृणा करोगे किसीसे [...]

जुनून

ऊँची इमारतों को देखकर चक्कर आना कोई मेरी कमजोरी नहीं [...]

घुटन

आजकल कुछ घुटन सा महसूस होने लगा है अपने ही घर में अपनों के [...]

महसूस

तुम क्या जानो मेरे दिल को तुम्हारी कौन सी बात चूभ गई है, [...]

अत्याचारी

अत्याचारी!तुम लाख करो अत्याचार नहीं टूटेगी हमारी सहने की [...]

अत्याचारी

अत्याचारी!तुम लाख करो अत्याचार नहीं टूटेगी हमारी सहने की [...]

कटोरा

कटोरा सिर्फ पात्र नहीं खान-पान की व्यंजन परोसने के लिए, [...]

तलाश

राह मिल नहीं रहा , भटक रहे है सब रोशनी की तलाश में, दिन के बाद [...]

जिन्दगी का राज

कल जो हमारे साथ चला करता था ऊंगली पकड़कर, आज कतराते है वह [...]