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Author: हिमकर श्याम

हिमकर श्याम
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स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और ब्लॉगर http://himkarshyam.blogspot.in https://doosariaawaz.wordpress.com/

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ट्रैफिक सिग्नलों पर बच्चे

महानगर की चौड़ी चिकनी सड़़कों पर दौड़ती हैं [...]

निष्ठुर तम हम दूर भगाएँ

मानव-मानव का भेद मिटाएँ दिल से दिल के दीप जलाएँ आँसू की यह [...]

जगमग हो परिवेश

चकाचौंध में खो गयी, घनी अमावस रात। दीप तले छुप कर करे, [...]

मिटे भेद विकराल

सज धज कर तैयार है, धनतेरस बाजार। महँगाई को भूल कर, उमड़े [...]

माटी का दीपक बने, दीप पर्व की शान

चाक घुमा कर हाथ से, गढ़े रूप आकार। समय चक्र ऐसा घुमा, हुआ बहुत [...]

नेह लुटाती चाँदनी

शीतल, उज्जवल रश्मियाँ, बरसे अमृत धार। नेह लुटाती चाँदनी, कर [...]

विजय पर्व पर कीजिए, पापों का संहार

जगत जननी जगदम्बिका, सर्वशक्ति स्वरूप। दयामयी दुःखनाशिनी, [...]

अहसास न होते तो, सोचा है कि क्या होता

अहसास न होते तो, सोचा है कि क्या होता ये अश्क़ नहीं होते, कुछ भी [...]

हिंदी अपनी शान हो

आज़ादी बेशक़ मिली, मन से रहे गुलाम। राष्ट्रभाषा पिछड़ गयी, मिला [...]

मायावी जाल

हजारों मृगतृष्णा का जाल बिछा है हमारे आसपास न चाहते हुए हम [...]

ऐ वतन तेरे लिए यह जान भी क़ुरबान है

दिल में हिंदुस्तान है, सांसों में हिंदुस्तान है ऐ वतन तेरे [...]

क्या जश्ने आज़ादी

तड़प रही आबादी क्या जश्ने आज़ादी जन-गण में लाचारी भूख और [...]

क्या बतायें तमाशा हुआ क्या

क्या बतायें तमाशा हुआ क्या देखिये और होता है क्या-क्या क्या [...]

कोई जादू लगे है ख़यालात भी

खूब होती शरारत मेरे साथ भी सब्र को अब मिले कोई सौगात [...]

खानाबदोशी का रंग

दिन रात है भागदौड़ व्यर्थ में मची है होड़ यथार्थ और भ्रम [...]

ज़िन्दगी दुश्वार लेकिन प्यार कर

मुश्किलों को हौसलों से पार कर ज़िन्दगी दुश्वार लेकिन प्यार [...]

उमड़ घुमड़ घन बदरा आये

उमड़ घुमड़ घन बदरा आये। नयनों में बन कजरा छाये।। खेतों में, [...]