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Author: Hema Tiwari Bhatt

Hema Tiwari Bhatt
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

नव संवत्सर

🌹नव संवत्सर🌹 श्रृंगार सलोना धरा धरा ने क्या विस्मय [...]

स्वपन के आस पास

रोशनी को दीप जले तिमिर को न आया रास बैठा न जाने कहाँ आनन छुपा [...]

गौरैया

🐥🐥गौरैया🐥🐥 खो गयी है गली गाँव की सड़क शहर की हो गयी है चीं [...]

“सही हूँ मैं”

🙋🙋"सही हूँ मैं"🙋🙋 "8मार्च,महिला दिवस,महिला सशक्तिकरण,महिला [...]

अभिव्यक्ति

🙋एक अभिव्यक्ति मेरी भी🎤 "अभिव्यक्त करना"कितना आसान है [...]

हम भी देश बदलते हैं

कल गली में कुछ बच्चे, 'गधे का धोबी' खेल रहे थे गठरी थी धोबी के [...]

बस यूँ ही

देखो सत्तर साल में, लोकतंत्र यूँ सधा, गदहागिरी के खेल [...]

खामोशी की चीख

खामोशी की चीख में,सुन्न हुआ अब शोर लगा रहे सब आंकलन,किसका [...]

मत बन हरीफ,दोस्त!

मत बन हरीफ,दोस्त वास्ता ये हमारा है मौजों ने एक होके,साहिल को [...]

माँ

🌹🌹. माँ .🌹🌹 कलेजे के टुकड़े को अपने, गर्माती थी वो खुद [...]

क्यों लिखूँ पत्र

"मानस बेटा!चलो कल के हिन्दी टेस्ट का रीविजन कर लो|पत्र याद कर [...]

आया बसंत

आया बसंत आया बसंत सखि आया बसंत हर्ष अनंत सखि लाया [...]

बासन्ती मुक्तक

🌺🌼बासन्ती मुक्तक🌼🌺 धरती ने नव वसन धरे, सज गये दिग [...]

जागो मतदाता जागो

🎤जागो मतदाता जागो🎤 देश का कल रहा पुकार है मतदान तेरा [...]

जागो कहाँ गुम हो बेटी

बहुधा लिखी गयी 'बेटी' लेकिन अवर्णित है 'बेटी' फिर से कलम की नोक [...]

डियर जिन्दगी

डियर जिन्दगी, जीती आयी हूँ मैं तुम्हें आज तक कभी रो के कभी [...]

नया साल

[12/31/2016, 8:12 PM] bhatthema3: स्वागत नये साल का दिल से मनाइये लेकिन जाता साल [...]

क्या होगा नये साल में

नाचती ता थैय्या काल की करताल में मना रही जश्न पर,घिरी हूँ [...]

आईना

क्यों रूठूँ मैं आइने से भला, हर कदम जो मेरे साथ चला सँवारा हर [...]

बेटी

बेटी फेहरिस्त-ए-किरदार औरत से, बेटी भी एक किरदार है| यूँ तो हर [...]

राष्ट्र निर्माता

गरिमामयी पद पर हैं दाग,आहत हूँ मैं राष्ट्र निर्माता हूँ या [...]

फिर वही चाँद है

फिर वही चाँद है,फिर वही रात पर जाने न क्यों आज वह बात तुम भी [...]

दहलीज से दहलीज तक

दहलीज से दहलीज तक (हर औरत को समर्पित) 🌻🌹🌻🌹🌻🌹 इस दहलीज से [...]

हम सब फूल विविध वर्णों के

🌺🌻🌹🌼🌸💐 हम सब फूल विविध वर्णों के, सतरंगी संसार [...]

सजा

खुद के लिए खुद सजा मुकर्रर की शादी तो की मैंने,नौकरी भी [...]

ठण्ड का असर

हवा में ठण्ड का असर दिख रहा है चुप-चुप सा यह शहर दिख रहा [...]

ज्ञानी हो नव पीढ़ी या केवल साक्षर

दुर्दशा शिक्षा की,हो रही है किस तरह अज्ञान,भ्रष्टाचार,चाहे [...]

यत्र नार्यास्तु पूज्यन्ते

मुझे गर्व है भारत की संस्कृति पर 'यत्र नार्यास्तु पूज्यन्ते' [...]

मुक्तक

(१) सम्मान सम्मानित हुआ मंच भी पुलकित हुआ समर्थ कलम है आपकी [...]

मुझे स्नेह है उत्सवों से

मैं हिन्द की हूँ सन्तति, मुझे स्नेह है उत्सवों से जीवन का हर [...]