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Author: रवि रंजन गोस्वामी

रवि रंजन गोस्वामी
Posts 45
Total Views 405

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

कान्हा

कान्हा कहाँ है गुल ? फिर सुदामा से मिल । जीवन संग्राम [...]

प्रार्थना

तू किस किस की सुनेगा, बड़ी मुश्किल में होगा । पर तेरे सिवा कौन [...]

खुशी

वो खुशी देता है अपने मन की, मैं खुशी दूँगा उसे उसके मन की । [...]

कवि /लेखक /पत्रकार से

कवि/लेखक तुम भावुक हो , संवेदनशील भी हो । किन्तु प्रश्न है । [...]

गुमान

सज़ा मिली है तो कोई गुनाह हुआ होगा, समझ नहीं आता ऐसा क्या हुआ [...]

फुर्सत

जब महफिल उठ गयी तो घर याद आया है । किस कामयाबी पर नाज़ करें [...]

राह

जाने किस राह जाते हैं वो, राह में मिलते नहीं हैं वो । मुझे [...]

आज ,कल ,कभी

आज उसने बहुत बातें की , क्या न कहने की कोशिश की? सालों तक लटका [...]

भूल गये

बड़ी बड़ी किताबें पढ़ीं , छोटे सबक भूल गये। शास्त्र पढ़ कर कैसे [...]

अंधेरे में रोशनी

अपने साये को नज़र अंदाज़ मत कर वो रहता है वक्त का हमराज़ बनकर। [...]

बदलता मौसम

हर रोज बदलते मौसम में बेचैन हवाएँ चलतीं हैं । तय करना कितना [...]

श्री राम (प्रार्थना )

इस अंतस की पीड़ा को, कौन सुनेगा ? राम । जीवन के इस खालीपन को [...]

दायरे

अपने दायरे हमने खुद बनाये कुछ हालात ने मजबूर किया , कुछ हम [...]

माना जायेगा

न भागना ,न कोई बहाना काम आयेगा । मुश्किलों से सिर्फ टकराना [...]

अशीर्षक

कुछ मेरे पास हो जो दे सकूँ मैं , अना कम हो तो कुछ ले सकूँ मैं । [...]

लाश

लाश का चेहरा पुरसुकून था । उस पर गज़ब का नूर था । लगता था नाच [...]

कुछ लोगों से पूंछो तो …(व्यंग )

सच जो भी हो । कुछ लोगों से पूंछों तो - ---------- क्या हुआ ? ईवीएम में [...]

परिंदा

अभी दिन है तो,रात भी जरूर आयेगी । चाँद तारों से, मुलाक़ात भी हो [...]

जिंदा रहते हैं कमाल करते हैं

छोड़िये ये बेकरारी, बेसबब , लोग चिल्लाते हैं बेमतलब, जिंदा [...]

विवाद

उन्हें विवाद पसंद है हम संवाद करते है । वे शब्दों को पकड़ते [...]

क्या देखूँ

कहीं गुजरे वक्त के निशां देखूँ । कहीं जाते हुए लम्हों के [...]

मिलन का डर

किसे खोजता है मन किसकी तलाश है । ऐसा क्यों लगता है , कि वो [...]

काम करने दो

ये कमी है , वो कमी है , ऐसा कैसे होगा ? वैसा कैसे होगा ? ऐसा हो [...]

मसीहाई

मुझे नजरअंदाज़ करता है । मुझ पर नज़र भी रखता है । मैं बेशर्मी [...]

खामोश तस्वीर

कहीं बरसे बादल । कहीं बरसे नयन । बारिश से धुले मौसम । आसुओं [...]

कौन सुने !

सब ही अपनी कहते हैं यहाँ। कोई किसी को नहीं सुनता। आवाज दब [...]

जश्न

आओ आज रात जश्न मनायें। हम जागें , साकी को जगाएं पैमाने फिर [...]

कतार

लोग कतार में है और वे समझते हैं कि वे क्यों कतार में है । कुछ [...]

बड़े शायर -व्यंग

वे बड़े शायर हैं । ऐसा समझते हैं । सब उन्हें दाद दें । ये [...]

इंतजार

मेरी आवारगी के हमसाये वीरानों में मुझे छोड़ गये । कोई उसको [...]