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Author: Dr Chandra

Dr Chandra
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Doctor (Physician) &Writer , live in Lucknow U.P.India

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... भव- सिन्धु प्रलापित फेरे लहरें [...]

मुक्तक

. .... मुक्तक .... तिमिराञ्चल में शालायें कल्पित शशि [...]

गीत

. .... गीत ..... चिर- पुरातन प्रेम की नित बह रही नव धवल धारा थिर [...]

अश्रु- नाद

...... मुक्तक ..... ... अनबूझ नियति ने खेली जीवन की दुखद पहेली [...]

अश्रु- नाद

, .... मुक्तक .... जीवन सतरंगी फेरे झंझा- झँकोर घन [...]

गीत …

.... जीवन की दुखद अनुभूति .... ॥ अनुज-व्यथा ॥ कुछ कही अनकही [...]

…. श्री कृष्ण वंदना …

...... श्री कृष्ण वन्दना.... यदु- नन्द नन्दन देवकी- वसुदेव नन्दन [...]

….. गीता …

.... ..गीत.. हे ! पार्थ सुनो परिचय मेरा हम में तुम में [...]

…… गीत ….

.. .... गीत .... देखकर फिर सघन जलधर , विकल बरसे नयन झर- [...]

…. पद … भगवन ! कैसे दर्शन पाऊँ ?

...... पद .... भगवन ! कैसे दर्शन पाऊँ ? तीरथ चारो धाम गया मैं , सागर [...]

हे! पार्थ सुनो परिचय मेरा ।

हे ! पार्थ सुनो परिचय मेरा । हम में तुम में कण- कण में मैं [...]

पत्नी पीड़ित ऐ! भद्र जनों

पत्नी पीड़ित ऐ ! भद्र जनों मेरी सलाह को अपनाओ यदि जीवन सुखद [...]

श्री कृष्ण वन्दना ….

यदु-नन्द नन्दन देवकी-वसुदेव नन्दन वन्दनम् । मृदु चपल नयनं [...]

राष्ट्र – वन्दना

हे!वन्दनीया हे!वत्सलाय नमामि भारत वसुन्धराय प्रसून [...]

देख कर फिर सघन जलधर

देखकर फिर सघन जलधर विकल बरसे नयन झर-झृर सूखते से पादपों [...]

…. पद …2

भगवन ! कैसे दर्शन पाऊँ ? तीरथ चारो धाम गया जा , सागर गंग नहाऊँ [...]

मधुर-मधुर मन्द-मन्द

मधुर-मधुर मन्द-मन्द , मोहन मुस्काये मोर मुकुट तिलक भाल [...]

……साहस अभाव…..

साहस अभाव में सुजनों के , दुष्टों का साहस पलता है । हों असुर [...]

….. .. पद ……

भगवन!क्यों नहिं दर्शन पाऊँ । योग मंत्र श्रुति ग्रन्थ न जानू , [...]

धरती पुलकित हो उठे आज

धरती पुलकित हो उठे आज जगती का दुःख हरना होगा । इस कर्म-भूमि [...]

अश्रु-नाद

खो गयी प्रेम की नगरी झंझा-झंकोर घन घेरे । हो हाहाकार [...]