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Author: Dr. umesh chandra srivastava

Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... मम व्यथित हृदय से आती अंतर्मन में [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... लघु बूँदे ले मतवाला नभ से ऐ! [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

.... मुक्तक .... जीवन सतरंगी घेरे भव पथ पर सघन अँधेरे [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... उन्मत्त लहर लहराती तिमिराञ्चल में [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... अद्भुत नीलाभ हमारा ज्योतित आभासी [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुकक ... हिय मिलन चाह गहराये दृग- नीर धार बन जाये [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... सुन्दर संसार हमारा चिर प्रकृति [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

.. .... मुक्तक .... अंतस में सघन अँधेरे यह अंतहीन पथ घेरे [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... अविरल कलियों का आना आकर उनका मुरझाना [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... जब श्याम घटा घिर आये प्रमुदित मन रुन झुन [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक ... सुस्मृति हिय में लहरायी तब सघन वेदना [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... भँवरित जन्मों का डेरा यह प्राण पथिक है [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... यह जगत विविधमय सारा हिय संजीवी जल धारा [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... लहरों के सँग इठलाती मँझधार बहा ले जाती [...]

मुक्तक स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... घन श्याम सघन घिर आये तन मन उमंग भर जाये [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... उर उदधि उर्मि लहराती किस ओर बहा ले जाती [...]

साहस अभाव

.... गीत .... " साहस अभाव " साहस अभाव में सुजनों के [...]

मुक्तक भावानुवादित

. .... मुक्तक .... गोधूलि सदृश लहराती रञ्जित रजनी सो [...]

मुक्तक स्व- भावानुवादित

. .... मुक्तक .... उर- उदधि- उर्मि लहराती किस ओर बहा ले [...]

अश्रुनाद अँग्रेजी भावानुवाद

. .... मुक्तक .... नीलाम्बर में लहराऊँ नभ यायावर [...]

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... नीलाम्बर में लहराऊँ सतरंगी पंख [...]

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... स्वाती बूँदो को ऐसे हो सीप तरसती जैसे [...]

अश्रुनाद

...मुक्तक ... मधुऋतु मधुरिम लहराये सरगम नव वाद्य बजाये फिर [...]

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... प्रतिध्वनियाँ हिय गुञ्जातीं स्मृति [...]

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... सावन बदली जब आती तब विरह रागिनी गाती [...]

अश्रुनाद

. .... मुक्तक .... भव- सिन्धु प्रलापित फेरे लहरें [...]

मुक्तक

. .... मुक्तक .... तिमिराञ्चल में शालायें कल्पित शशि [...]

गीत

. .... गीत ..... चिर- पुरातन प्रेम की नित बह रही नव धवल धारा थिर [...]

अश्रु- नाद

...... मुक्तक ..... ... अनबूझ नियति ने खेली जीवन की दुखद पहेली [...]

अश्रु- नाद

, .... मुक्तक .... जीवन सतरंगी फेरे झंझा- झँकोर घन [...]