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Author: Dr Purnima Rai

Dr Purnima Rai
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मैं मूलत:एक शिक्षिका हूँ।लेखिका ,संपादिका ,समीक्षक भूमिका निभाकर साहित्य सृजन की ओर अग्रसर हूँ मेरी स्पर्धा किसी से नहीं , स्वत:अपने आपसे है।स्वयं को बेहतर से बेहतरीन बनाना मेरे साहित्यिक जीवन का लक्ष्य है।.. शब्द अथाह सागर हैं और भाव उठती हुई लहरें.. ..डॉ.पूर्णिमा राय ,अमृतसर(पंजाब)

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

बेटियाँ

बेटी को जन्म देकर भी माँ माँ ही रहती है बेटी के जन्म पर [...]

बेटियाँ

बेटी को जन्म देकर भी माँ माँ ही रहती है बेटी के जन्म पर [...]

“कर्ज चुकाया जा नहीं सकता,हरदेव तेरे एहसानों का।।” ——————–

नई दिल्ली में चल रहे 69वें निरंकारी संत समागम( 19-20-21नवंबर)में [...]

मुक्तक

मुक्तक निर्धन को सहयोग दें,मिटे मान-अभिमान। झोली भर लो [...]