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Author: Dr Meenaxi Kaushik

Dr Meenaxi Kaushik
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मांगा नही खुदा से ज्यादा बस इतना चाहती हूँ, करके कर्म कुछ अच्छे सबके दिलों मे रहना चाहती हूँl ईश वन्दना जन सेवा कर जीवन बिताना चाहती हूँ, हर पल हर चेहरे पर मुस्कुराहट लाना चाहती हूँ ||

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

***लफ्ज***

लफ्जों के ना होते दाँत फिर भी लेते हैं ये काट, दीवारें खडी [...]

***लफ्ज***

लफ्जों के ना होते दाँत फिर भी लेते हैं ये काट, दीवारें खडी [...]

***बेटी के दोहे***

**बेटी के दोहे***** 1) बांटें खुशी जहान को,बोले मीठे बोल कन्या [...]

******वो******

नारी दिवस पर मेरी एक कविता.......पसंद आए तो लाइक और कमेंट जरूर [...]

गुरू

गुरू वही जो ज्ञान दे बदले समाज ये ध्यान दे अनुभव कराये ज्ञान [...]

जिंदगी क्या है….

******जिंदगी क्या है******* अपनों का प्यार है जिंदगी , सपनों का [...]

सप्तक स्वप्न देखना है जरूरी

स्वप्न देखऩा है जरूरी कुछ नया करने के लिये, कुछ खोना है जरूरी [...]

सरस्वती वंदना

माँ शारदे माँ शारदे जय तेरी हो माँ शारदे..... श्वेतवसना [...]

बेटी की पुकार——– बेटी ना मारो

फर्क नहीं बेटा बेटी में.....हो ssssss समझो मां के प्यारों। ना [...]