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Author: डॉ मधु त्रिवेदी

डॉ मधु त्रिवेदी
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डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र टाइम्स दिल्ली आदि अखबारों में रचनायें विभिन्न साइट्स पर परमानेन्ट लेखिका

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

बाल परित्यक्ता

जुम्मे - जुम्मे उसने बारह बसंत ही देखे थे कि पति ने परस्त्री [...]

मुस्कराहट

मुस्कराहट नारी की बिखरी है दुनियाँ पूरी मुस्करायी कालजयी [...]

दर्द दिल की बता दवा क्या है

दर्द दिल की बता दवा क्या है प्यार का अब मिला सिला क्या है बात [...]

जन —-सिसकता हुआ

गजल 212 *4 नोट की मार से जन सिसकता हुआ जब न रोटी मिले तो बिलखता [...]

हो गया

गजल आपको देखा फसाना हो गया आज दिल मेरा सताना हो गया जब [...]

तुम —–फबती हो

गजल चाहत के मकान में तुम रहती हो दिल के दरपन में तुम फबती [...]

दर्द

दर्द ✍✍ दर्द का तूफान हो तब गजल बनती है मर्ज प्रेम का गंभीर [...]

जब याद आता

जब याद आता ❤❤❤❤❤❤ जब मन मेरा जब अकुलाता है याद प्यारा बचपन [...]

साखी

कितने सतरंग दिखाये तू साखी. पल पल मस्त सताये तू साखी. देख [...]

तेरे नाम हो जाये

जिया तेरा हमेशा के लिए अब नाम हो जाये हसीं सी जिन्दगी [...]

चुनाव हो जाए

चलो नेता चुने हम देश का अब नाम हो जाये मिला जिस देश में [...]

प्रेमगीत

प्रेम गीत तुमने मैने सबने विद्यापति से पहले और बाद सबने [...]

रोज डे अपना मनाती शायरी

रोज डे अपना मनाती शायरी साथ तेरा फिर मिलाती शायरी पास मुझको [...]

फूल

फूल में तेरे लिए हर रोज लाया हूँ प्यार में तेरे दिवाना मैं [...]

परिवार के बिखराव में क्या दोषी नहीं है नारी ?

परिवार एक ऐसी संस्था है जो पुरूष और नारी दोनों के योग से बनती [...]

साम्यवाद

दामन में मुँह छुपाये बैठे है अजब निराले कौतूक करके बैठे [...]

दुनियाँ

उजले लोगों की उजली दुनियाँ सपनों से सजती दुनियाँ अपने ही [...]

बेटियाँ

जमा कर पैर रखना राह कंकडों से सभलना है अकेले जिन्दगी की इस [...]

चाह

गजल ✍✍✍ चाह पाने की ख्याली जाएगी अब पली आशा निकाली [...]

नर- नारी (आज और कल)

नर और नारी (आज और कल) ✍✍✍✍✍ क्या वजूद है नर के बिन नारी का एक [...]

चल रहा है

1222 1222 122 हसीनों का जमाना चल रहा है अभी उन पर मिटाना चल रहा [...]

बगावत है

212 1222 212 122 दूर दो दिलों का रहना ही तो बगावत है साथ - साथ [...]

प्यार

2122 1212 22 प्यार के गीत गा रहा फिर से चाह की डोर में बँधा फिर [...]

मिली

मिली जो तेरी जुल्फों की छाया मैं बहक गया उठाया जब घूँघट [...]

शेर

ली साँस आज तक कितनी आँकते रहे हर शाम जिन्दगी तुझको जानते [...]

नये साल में सब

सभी को हंसाएँ नये साल में सब मुहब्बत लुटाएँ नये साल में [...]

क्या पाया , क्या खोया ☀☀☀☀☀☀☀☀

क्या पाया , क्या खोया ☀☀☀☀☀☀☀☀ नयी साल आ गई , पुरानी बाय [...]

मौन

मौन ✍✍ पाषाण सी यह देह तुम्हारी खण्डों में बँटी लगती है [...]

थम जाता

थम जाता ✍✍✍✍✍ पल वो एक थम जाता तो हिसाब तेरे चूकता मैं [...]

कमी न लेती है

पास मेरे जो न होती तो कमी लगती है चाह की राह हमें अब न सजी [...]