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Author: Dharmender Arora Musafir

Dharmender Arora Musafir
Posts 80
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*काव्य-माँ शारदेय का वरदान *

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

*नील गगन*

नील गगन में चमके तारा लगता है वो बड़ा ही प्यारा रंग धवल सा [...]

*लम्हों*

गुजरे लम्हों को जाने दो इक नयी सुबह को आने दो दिल से अब सारे [...]

*सावन*

सावन की है छटा निराली छाये सभी और हरियाली बागों में अब झूला [...]

*दुआ का असर*

आधार छंद-वाचिक भुजंगप्रयात मापनी -122 122 122 122 दुआ का असर ये दुआ का [...]

*लूट*

इंसा इंसा को लूट रहा नश्वर माया ये कूट रहा बेमानी हुए [...]

*अम्बर पर छाने की धुन*

अम्बर पर छाने की धुन में बदले परिभाषा पूरी होती उसके मन की हर [...]

*कलियुग*

गफलत में है सो रहा कलियुग का इंसान पूजा पत्थर की करे मान इसे [...]

*प्रतिज्ञा*

मन का दीप जलायेँगे गीत खुशी के गायेँगे फूलों सा बनकर के [...]

*सोच-विचार*

जीवन के हर पहलू पर करिए सोच-विचार पथ है ये कांटों का तुम रहना [...]

*ज़िन्दगानी के मुसाफिर*

खुशबू को बिखराता जा इस जग को महकाता जा ज़िन्दगानी के मुसाफिर [...]

*अब जी लो*

अब जी लो तुम जी भर कर ये समां नहीँ फिर आयेगा बीता पल इस जीवन [...]

*किसी से कभी कोई वादा न कीजे*

किसी से कभी कोई वादा ना कीजे वादा तो इक दिन निभाना [...]

*दोहे*

मंदिर -मस्जिद का सदा अजब निराला रंग करनी पर इंसान की रब भी अब [...]

*गम को जब से हमदम माना*

गम को जब से हमदम माना छाया है इक समां सुहाना माँ शारदे की [...]

*दिल में सबके प्यार हो*

दिल में सबके प्यार हो ! कोई ना तकरार हो !! वैर का ना हो [...]

*रिश्तों के आगे*

छोटी 'सी' ज़िन्दगानी है लौट नहीँ फ़िर आनी है रिश्तों के आगे [...]

*बदलाव की आँधी*

चले बदलाव की आँधी खुशी चहुंओर छाएगी धरा ये एक है सारी यही [...]

*रिश्तों का अहसास*

रिश्तों का पावन अहसास भर देता है इक विश्वास बुझे हुए मन [...]

*हकीक़त का सामना*

सामना हकीकत का जो करते हैं फ़िर कहाँ खयालों में जिया करते हैं [...]

*नारी का सम्मान*

नारी का सम्मान करो भूल से न अपमान करो मन से समझो इसको तुम [...]

*आज़ का सच*

भोली-भाली सूरत होती काली लेकिन सीरत होती हो अंतर में शैतान [...]

*वीरों का गान*

दिल में इनके हरदम बसता प्यारा हिंदुस्तान है जान लुटाते ये [...]

*मीरा*

मीरा थी इक प्रेम दीवानी चाहत उसकी अजब नूरानी अपनी सच्ची [...]

*मीत बना ग़म*

सबके दिल में जो जीते ज़ख्म जिया के जो सीते मीत बना ग़म है [...]

*पहचान*

खुद को जिसने जाना है ! खुदा को उसने जाना है !! अपना सबको माना [...]

*पेड़*

जीवन का श्रँगार पेड़ हैं संकट की पतवार पेड़ हैं बिन इनके है [...]

*खुद को जिसने जाना है*

खुद को जिसने जाना है ! खुदा को उसने जाना है !! अपना सबको माना [...]

*सीख*

ऐ सुमन मुरझा नहीँ तू मुस्कुराना सीख ले मन चमन घबरा नहीँ तू [...]

*रहमत*

कदम तेरी चौखट पर जब सेरखा है आसमां से भी ऊंचा मेरा सर लगता [...]

*मानसून*

आसमान में बादल छाए वसुधा मनहर राग सुनाए है झूम रहा खुशियों [...]