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Author: DESH RAJ

DESH RAJ
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मेरे सनम

मेरे सनम, तेरी मोहब्बत ने मुझे एक आशिक बना दिया, तेरी एक नज़र [...]

शहीद की बहन और राखी

मेरे प्यारे भैय्या, आपने मेरी राखी की लाज निभाई , “माँ भारती” [...]

भारत की जमीं

वो हँस रहे इंसानियत पर , कहते है सारा जमाना है उनके साथ , गिला [...]

मोतियों की सुनहरी माला

मत तोड़ो मोतियों की सुनहरी माला बिखर जाएगी , फिर अगर बिखर गई तो [...]

अनोखी सीख

नफरत को नफरत से मिटाने की अनोखी सीख हमें दे रहे , “बारूद के [...]

मोरे सैंया

तरस रही तुम बिन मोरी अंखियाँ दरस दिखा जाओ सैंया , दर-2 भटकूँ , [...]

दुर्घटना का दंश

बेबस जिंदगियों को जीवन की पुकार करते नहीं देखा आज से पहले , पल [...]

चिड़िया का घोंसला

“ चिड़िया ” घोंसला छोड़कर आसमान से पार उड़ गई ,हम बस देखते रह गए [...]

“ विश्वास की डोर ”

कठिन पथरीली राहों पर चलकर जीवन की मंजिल पा ही लेंगे , जमाना [...]

“ गंगा ” का सन्देश

गंगा कल-कल करती जाती अविचल , मन है जिसका चंचल, हृदय स्वच्छ [...]

प्रेम की किताब

मन–मंदिर में एक दिन मेरी नज़र एक किताब पर पड़ गई , इस अनोखी [...]

जुल्म की इन्तहा

“ जुल्म की इन्तहा ” करके “ जहाँ ” में वो वफ़ा की उम्मीद करते , [...]

“ पगडंडी का बालक ”

गाँव की पगडंडी से गुजरते हुए एक बालक को हमने देखा, नन्हें [...]

सच्चा रिश्ता

रिश्तों को देखा मौसम के रंग की तरह बदलते हुए, मोतियों को देखा [...]

परदेश

एक दिन परदेश छोड़कर तुझे दूर अपने “देश ” है जाना , सखी, तू क्यों [...]

कश्मीर की तस्वीर

एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर, “स्वर्ग से सुंदर ” [...]

“माँ भारती” के सच्चे सपूत

नफरत की फसल उगाकर बहुत मुस्करा रहे वो, इंसानियत का जनाज़ा [...]

तेरी सूरत

जहाँ भी देखता हूँ , इस “जहाँ” में तेरी सूरत नज़र आती है, तेरी [...]

जिंदगी की रेस

दूर तक बस केवल एक सन्नाटा नज़र आता है, सन्नाटे में आदमी को [...]

अनोखा गुलाब (“माँ भारती ”)

उपवन में हमने देखा एक अनोखा गुलाब, उसके रंगों में था, प्रेम - [...]

खूबसूरत तस्वीर

दिल की हसरत है कि तुझसे मिलकर अपने प्यार का इजहार करूँ, हर एक [...]

बस एक ही भूख

जिंदगी की राह में चलते-चलते आज मायूस हो गए, माया की दुनिया में [...]