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Author: भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

भगवती प्रसाद व्यास
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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

विधाएं

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कविता (15 Posts)


” ———————————–सचमुच एक बहाना है ” !!

" तेरा रूठना कह दे बहना - सचमुच एक बहाना है " !! जिन आंखों में [...]

” यह हमारे गाँव हैं ” !!

हरी भरी धरती है , और घनेरी छाँव है ! यह हमारे गाँव हैं !! गहरे [...]

” गगन से उतरी परियां माँ की , अंतरिक्ष को छू लें हम “!!

गणवेश किया है धारण , बस्ता पीछे लाद लिया है ! मास्टरजी का [...]

” हम ज़िन्दगी , ठेल रहे हैं !!

पहले पेट काम फिर दूजा ! शिक्षा दीक्षा वक़्त अबूझा ! मात पिता [...]

सच तुम रूठ जाओ तो

सच तुम रूठ जाओ तो मनाने कासच तुम रूठ जाओ तो मनाने का मज़ा कुछ [...]

” है विकास में देर अभी ” !!

हरियाली सब और नहीं है , हरा भरा सब छोर नहीं है ! यहाँ प्रकृति [...]

” शिक्षा – दीक्षा, मनी -मनी है “

अभिभावक की गहन परीक्षा , इंटरव्यू फिर प्रवेश- समीक्षा [...]

” हार – जीत का छोर नहीं है ” !!

जन्मघुट्टी में यही मिला है , पुष्प सदा काँटों में खिला है [...]

” अपनी अपनी पोथी , अपना अपना भाष ” !!

कम, पढ़े -लिखे गुणी हैं ज्यादा , पढ़े -लिखों ने सब कुछ नापा / संतों [...]

” अभी बहुत कुछ , छूटा सा है ” !!

तेज़ भर रहा , वक़्त कुलांचें ! मन की पीड़ा , कौनहु बाँचें ! शुष्क [...]

” हालात नहीं बदले हैं ” !!

सीमा पर वही तनातनी , संकट के बादल गहरे ! छद्मयुद्ध दुश्मन [...]

” कहीं राम गुम , कहीं छुपा खुदा है ” !!

हम मन्दिर में राम ढूंढते , वे मस्जिद में सजदे करते ! हमने सब [...]

” चिड़िया चहकी , फुर्र हो गई ” !

पलना नहीं , गोद माँ की ! खुश नहीं , दादा दादी ! ख़ुशी पिता की [...]

” आज साख फिर दांव लगी है “

उम्मीदों का शोर मचा है , लुटे खूब और हमें ठगा है / एक छलावा [...]

” भरी है गगरी , छलक न जाये “

निर्जन राह, रूप हठीला ! रूप गर्विता, बदन गठीला ! आँचल सरकाया [...]