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Author: बसंत कुमार शर्मा

बसंत कुमार शर्मा
Posts 78
Total Views 1,028
भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) में , जबलपुर, पश्चिम मध्य रेल पर उप मुख्य परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत, गीत, गजल/गीतिका, दोहे, लघुकथा एवं व्यंग्य लेखन

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

शब्द पानी हो गए

छोड़कर हमको किसी की जिंदगानी हो गए ख्वाब आँखों में सजे सब [...]

केवल माँ को ज्ञात

एक कला संसार में, केवल माँ को ज्ञात बिन भाषा बिन बोल के, समझे [...]

माँ और बेटियाँ

पाप अपने कुछ मिटाने चल दिए लोग गंगा में नहाने चल दिए तीर्थ [...]

कोई रिश्ता निभाया जा रहा है

कोई रिश्ता निभाया जा रहा है मुझे फिर से बुलाया जा रहा है [...]

कौन भरेगा पेट -नवगीत

छोड़ा गाँव आज बुधिया ने, बिस्तर लिया लपेट उपजायेगा कौन अन्न [...]

ख्वाब भी तेरा सताता है मुझे

नींद में आकर जगाता है मुझे ख्वाब भी तेरा सताता है मुझे [...]

सूरज पर चढ़ रही जवानी

ओढ़े हुए आग की चादर, करने आया है मनमानी तपा रहा जमकर धरती को, [...]

कितनी करूं पढ़ाई माँ

पहन गले में टाई माँ कितनी करूं पढ़ाई माँ जितना बोझा है बस्ते [...]

जो करो तुम बस करो जी जान से

आपकी झोली भरेगी ज्ञान से. यदि करोगे मित्रता विद्वान से. हाथ [...]

कहाँ बदली गई

(१) कभी घर पर नहीं करते, कभी बाहर नहीं करते किसी भी धर्म की [...]

हमें न पत्थरबाज चाहिए

होना सबका काज चाहिए, हमको ऐसा राज चाहिए जिसे फ़िक्र हो आम [...]

मगर खत्म अपनी कहानी नहीं है

नहीं आज बचपन जवानी नहीं है मगर खत्म अपनी कहानी नहीं है मुझे [...]

मुहब्बत आप करते है

सताया है बहुत हमने, शिकायत आप करते हैं हमारे ख्वाब में आकर, [...]

अब तुम मेरे हाथ खोल दो

अब तुम मेरे हाथ खोल दो करूँ आक्रमण जरा बोल दो पत्थरबाजी [...]

नाम है बस दीप का

जल रही बाती यहाँ पर नाम है बस दीप का आ गयी दीपावली फिर, आस [...]

अप्रैल फूल बनाकर हँस लो

अप्रैल फूल बनाकर हँस लो सबको आज हँसाकर हँस लो रूठा हुआ शाम [...]

अक्षर अक्षर प्रीत लिखेंगे

जब जब कोई गीत लिखेंगे अक्षर अक्षर प्रीत लिखेंगे ग्वाल, [...]

अखिलेश राहुल वार्ता

यू पी चुनाव में हार के बाद प्रश्न अखिलेश का किस मत ने किस्मत [...]

साहब जी हैं व्यस्त

होते हैं सब भाग्य से, राजा रंक फ़क़ीर हरे परायी पीर जो, कहलाता [...]

भूल गया घर द्वारा मन

बचपन के वे खेल खिलोने, निश्छल चंचल प्यारा मन ढूंढ रहा कागज़ की [...]

हिय से मत दूर मुझे करना

आज करूं तुमसे विनती हिय से मत दूर मुझे करना सोंप दिया तन सोंप [...]

जब वफ़ा पर सवाल होता है

जब वफ़ा पर सवाल होता है तब बुरा दिल का’ हाल होता है जब तलक हम [...]

गम तो बांटो जरा किसी के

नीर भरी हैं उसकी अँखियाँ बीत रहीं हैं चुप-चुप रतियाँ साजन [...]

है समाज का दर्पन कविता

जीने का अवलंबन कविता मेरे दिल की धड़कन कविता कसी हुई है गति [...]

चर्चा करें मीडिया वीर

हो जाये जनता चुनाव में, थोड़ा सा भी यदि गंभीर सही लोग आयेंगे [...]

दिल से जरा गुजरना साहब

कष्टों से क्या डरना साहब रोज रोज क्या मरना साहब लगे हुए हम [...]

तो किस्मत हार जाती है

लगन से की गई मेहनत, नहीं बेकार जाती है अगर दम कोशिशों में हो, [...]

गया मुलायम राज

टोली बबुआ की गई, गया मुलायम राज योगी जी अब हो गए, यू पी के [...]

हर साँझ सुरमई है

हर भोर है सुहानी, हर साँझ सुरमयी है जब से मिले हैं तुमसे, [...]

जिन्दगीं में और आफत अब न हो

हो चुकी जो भी सियासत अब न हो मुल्क से मेरे बगावत अब न हो [...]