साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: avadhoot rathore

avadhoot rathore
Posts 34
Total Views 210

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

विविधता

अलग-अलग उदधि-लहरें,लगतीं हैं पर यार, हिल-मिल सब संग रहतीं,अलग [...]

फुटाने

आठ से दस वर्षीय तीन बालक एक किराना दुकान पहुंचे।दूकानदार [...]

मिलन

मेघराज की बदरी रानी, मेघ-पिया ढूंढत पगलाय। ढूंढ-ढूंढ खुद आप [...]

परिचय

परिचय ख़ुद से कर मना,मिले ख़ुदी का भान । उससे नित हो सामना ,रमे [...]

माँ भारती

माँ भारती की शान में, ग़ुस्ताख़ियाँ होने न दें। ग़ुस्ताख़ की [...]

बेटियाँ

बेटियाँ ठुमकत अँगना,तुतले- तुतले बोल, छम-छम पैंजन की छमक,छिन [...]

बेटियाँ

बेटियाँ ठुमकत अँगना,तुतले-तुतले बोल, छम-छम पायल की छमक,छिन [...]

अनुरोध सोलह/सतरह से

नमन करहिं नव बरस कहिं,अउर करहिं अनुरोध, सतरह तिहरे शासन हिं [...]

नववर्ष २०१७

सलाम करते हम सभी, तुझको ओ नववर्ष। सतरह तेरे राज्य में, सबका [...]

कलियुग-दंश

हे श्याम तुम्हारे राज्य में, कंस ऐंठते मूंछ। सुनें सिंहश्री [...]

पैसा

पैसे से ही जगत में, आन बान और शान। पैसे की ही जुगत में, फिरता [...]

षडपदी

बढ़ती जाय घड़ी की सुइयाँ, पल छिन घटत उमरिया हाय। तौ भी ऐश की [...]

माँ की अभिलाषा

लाल तू भी काम आजा वीरता की जंग में। नाम तू अपना लिखा दे भारती [...]

क़तअ

दर्द दिल का बढ़ा अब दवा दीजिए, अपने दामन की थोड़ी हवा दीजिए [...]

मशविरा

दुनिया में सब कुछ पाने की, ख़्वाहिशें जारी रखो, ज़मीं क्या है [...]

देशगान

हर दिन उठाएँ ये क़सम, भारत के दिलो जान हम। यह दिलो जान से [...]

गुलाब

अश्को से सींचोगे दहकेंगे , यादों के गुलाब। यादों से सींचोगे [...]

समय

समय बदलते देर न लगती, क्यों खोवे है आस ? नव प्रभात फिर से [...]

गुण त्रय

हैं रंगत जग जीव सब, सत रज तम गुण [...]

ग़मो ख़ुशी

रहती नहीं मिठास,ज़ुबाँ पर देर तक, रहती मुई खटास,ज़ुबाँ पर देर [...]

कृष्ण की मुरली

मधुबन बजत मुरलि मधुर, सुनि सुनि सुधि बिसारी है। बजाय पुनि [...]

मासूम क़ातिल

क़ातिल कभी मासूम नहीं होता है, मासूम कभी क़ातिल नहीं होता [...]

जीवन के धन

जर जोरू और ज़मीन, जीवन के धन तीन, जिनको ये हासिल नहीं, जीवन [...]

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी बेवजह हो तो इल्जाम होती है, ज़िन्दगी बावजह हो तो इनाम [...]

ज़िंदगी

ज़िंदगी के इतने सवाल क्यों हैं ? ज़िंदगी में इतने बवाल क्यों [...]

“श्रीपति दास”

पति जैसे जीव का भैया, इस जग में कोई दूसरा सानी नहीं [...]

भगवद् गीता के श्लोकों से

(१)अवनि अंबर अनिल अनल, अंतस व अहंकार। मिलकर आप: औ अकल, अपरा [...]

मशविरा

खाने के मुआमलात में, ज़ुबान काबू रखना। कहने के मुआमलात [...]

जज्बा ए मर्दां

मुक्तक,,, तुम्हारा इक इक बोल क़तरा है , शहद का। तुम्हारा इक इक [...]

दोस्त

मुक्तक अपनापन भरपूर दे,सनेह से दे सींच। दिलदारी भरपूर [...]