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Author: ATUL PUNDHIR

ATUL PUNDHIR
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मतगयंद सवैया

दीप वही तम जो हरता जुगनू जलता न जला तम पाये प्यास हरे हर बूँद [...]

मुक्तक

आँखों के स्वप्न यूँ जले काजल से जा मिले आँसू हमारी आँख के [...]

कुण्डलिया छन्द

कोई तो कानून हो, है भारी अपराध मच्छर आदम खूँ पियें, ले ले कर के [...]

दोहा

पलकें अनशन कर रहीं, आँखें बेउम्मीद अगर मोल मिल जाय तो, ला दो [...]

मुक्तक

ये दिल निकाल कर कहीं रख दो दराज में हो गये हैं लोग अब पत्थर [...]