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Author: ashok ashq

ashok ashq
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

एक से हम हो गए

बाँहो में तेरे मचल कर एक से हम हो गए ख्वाब में तेरे उतरकर एक [...]

लिपट गेशुओं से गुजारा करेंगे

तुम्हें हम कभी भी न रुस्वा करेंगे सुबह शाम तेरा ही सजदा [...]

टूट कर शाख से गिरा कैसे

बात दिल की न कर हज़ारों से ये जहाँ है भरी दिले बीमारों से चाह [...]

खुशी पल भर नही देखे

जिगर पर चोट खा कर भी तेरे कूचे में आए है दवा दे या ज़हर दे दे [...]

आग मज़हब की लगाते कहने को इंसान है

घर किसी के दो निवाले के लिए तूफ़ान है हाल से उसके हुजूरे आला [...]

अलग पहचान रखते हैं

दिवाने हैं हथेली पर हमेशा जान रखते हैं उबलते दर्द सीने में [...]

रहे फासले से

रहे फासले से मिटी दूरियाँ ना बँधी इश्क़ की पाक वो डोरियाँ [...]

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू [...]

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू [...]

निशाने पर हवा के

निशाने पर हवा के है मुहब्बत मेरी बचाएगी इसे कब तक इबादत [...]

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी [...]

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी [...]

छुआ जब से मुझे तूने

लगी है आग तनमन मे छुआ जब से मुझे तूने बड़ी बेचैन है साँसे छुआ [...]

है निवाला सामने पर तू नही

है अधूरी ज़िन्दगी अब लौट आ बिन तुम्हारे क्या ख़ुशी अब लौट आ अब [...]

मुझे फिर सताने

मुझे कर इशारे लुभाने लगे है निगाहों से अपने बुलाने लगे [...]

उँगलियाँ उठेगी वफ़ा पर तुम्हारी

दिलों में उतरता नज़ारा नही है मगर ये सफ़र छोड़ आना नही है गुजर [...]

आबरू बच गई मुहब्बत की

आग फिर इश्क़ की लगाया है बज़्म में यूँ मुझे बुलाया है आबरू बच [...]

फासला भी हुआ है

अदावत हुई फासला भी हुआ है वफ़ा का अभी सिलसिला चल रहा है कहें [...]

अभी बाकी निशाँ तेरा

अभी बाक़ी निशां तेरा हमारे दिल पे है हमदम बसी हो धड़कनों में [...]

राहें माँ देख रही होगी

चाहत में थोड़े पैसे की गाँव मैं छोड़ आया हूँ मिट्टी की सौंधी [...]