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Author: आशीष त्रिवेदी

आशीष त्रिवेदी
Posts 23
Total Views 295
मैं काहानी, लघुकथा एवं लेख लिखता हूँ.

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

फ़ोकट का तमाशा

आज फिर कामिनी बाहर गली में आकर चिल्ला रही थी 'कोई भी नही बचेगा, [...]

जीवन धारा

जब मि . गुप्ता ने कैफे में प्रवेश किया तब मि . खान और मसंद का [...]

मान

विभा के माथे पर सदैव सिंदूरी बिंदी सजी रहती थी. वह बड़े चाव से [...]

हवेली

वृंदा जिस समय हवेली पहुँची वह दिन और रात के मिलन का काल था. [...]

लकीर

इन गलियों में रमन ने पहली बार कदम रखा था। मेकअप लगाये झरोखों [...]

वेलकम होम

कार तेज़ी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। कार की पिछली सीट पर [...]

खुशियों का खजाना

बात तकरीबन बीस वर्ष पुरानी है। यह मोहल्ला लोअर मिडिल क्लास [...]

मलाल

हर शाम सिन्हाजी इस समय नदी के किनारे आकर बैठ जाते थे. डूबते [...]

गूंगी गुड़िया

रसोई में काम करते हुए गीता सुन रही थी. चंद महीनों पहले ही [...]

वादा

अभी अभी अंजू को ऑपरेशन के लिए ले गए थे. स्थिति तनावपूर्ण थी. [...]

हकीकत

गाँव के चौपाल पर एक नाटक खेला जा रहा था. चारपाई पर पूरे ठसक के [...]

कागज़ की कश्ती

आज कुछ बच्चों को कागज़ की नाव चलाते देख कर मुझे मेरा बचपन याद [...]

स्वयंसिद्धा

एक ही शहर में उमादेवी का अपने बेटे के साथ ना रह कर अकेले रहना [...]

अहम

प्रतिष्ठित साहित्यकार पुष्करनाथ साहित्य जगत का सर्वोच्च [...]

रिटायर्ड

रिटायरर्ड भवानी बाबू अवकाशग्रहण के करीब तीन माह  बाद अपने [...]

कैसे कैसे रंग

दरवाज़ा खोला तो सामने जो शख्स खड़ा था कुछ पहचाना सा लगा। याद [...]

सौर

दिनेश को आज घर लौटने में देर हो गयी थी। जूते उतार कर वह पलंग पर [...]

ए.टी.एम.

महेश जैसे ही घर में घुसा माँ ने सवाल दागा "मेरी चार धाम यात्रा [...]

बस नं. 13

बस के रुकते ही सभी जो रोज़ इस स्टॉप से चढ़ते थे चढ़ गए. किंतु [...]

हरफनमौला

विपिन की एक आदत उसके जानने वालों को अच्छी नहीं लगती थी. वह यह [...]

खोया पाया

सरिता स्टोर रूम की सफाई करवा रही थी. जो सामान काम का नहीं था [...]

बचत

बबलू ने ददाजी के कमरे में चारों तरफ नज़र दौड़ाई. सब कुछ [...]

कट्टी बट्टी

शाम हो गई थी बंटू बाहर खेलने जाने की बजाया एक किताब पढ़ रहा था. [...]