साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta
Posts 252
Total Views 17,387
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

वतन के लिये वीरता से लड़ा है

वतन के लिये वीरता से लड़ा है तिरंगे में अब शांत लिपटा पड़ा [...]

जिओ इस तरह तुम वतन के लिये

सितारे ज्यूँ चमकें गगन के लिये जिओ इस तरह तुम वतन के लिये न [...]

पर्व राष्ट्रीय जब भी आते, यूँ तो सभी मनाते हैं

पर्व राष्ट्रीय जब भी आते, यूँ तो सभी मनाते हैं पर ऐसा लगता है [...]

आंखों को हमसे और रुलाया न जाएगा

आंखों को हमसे और रुलाया न जाएगा दिल का इलाज ऐसे कराया न जाएगा [...]

बिरले ही बनते यहाँ , तुलसी सूर कबीर

1 घिस घिस कर पाषाण पर, हिना बिखेरे रंग तभी चमकते हम यहाँ,सहें [...]

भैया आतीं याद पुरानी वो बातें

भैया आती याद पुरानी वो बातें बचपन में करते थे रोज खुराफातें [...]

तुमसे मिलने आयेंगे, पर किसी बहाने से

तुमसे मिलने आयेंगे, पर किसी बहाने से अब नहीं डरेंगे हम, देखना [...]

घिरें काली घटायें जब,मचलने लगता है सावन

घिरें काली घटायें जब,मचलने लगता है सावन तभी पानी की बूंदे [...]

मुश्किलें हैं आज कितनी आदमी के सामने

मुश्किलें हैं आज कितनी आदमी के सामने जैसे इक टूटा दिया हो [...]

ये दरिया गम का कम गहरा नहीं था

ये दरिया गम का कम गहरा नहीं था हमें फिर भी डुबो पाया नहीं [...]

देखो आई बरखा रानी

एक बाल गीत *********** देखो आई बरखा रानी काले काले छाये बादल जैसे [...]

मेरा श्रृंगार हो गईं ग़ज़लें

02-07-2017 मेरा श्रृंगार हो गईं ग़ज़लें तीज त्यौहार हो गईं ग़ज़लें [...]

रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने

रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने राज अपना भी चलाया है [...]

जब जब तुम्हें पुकारा, घनश्याम हे मुरारी

दिग्पाल छंद पर आधारित एक गीत ********************* जब जब तुम्हें [...]

खुद से मिलने की दिल में हसरत है

खुद से मिलने की दिल में हसरत है पर मिली आज तक न फुरसत है [...]

उनको अपना बना के देख लिया

उनको अपना बना के देख लिया जख़्म दिल के दिखा के देख लिया फूल [...]

चाहें कितना भी तुम हमसे शिकवा करो

चाहें कितना भी तुम हमसे शिकवा करो पर न खामोशियों को यूँ ओढ़ा [...]

ये मुहब्बत अभी कुँवारी है

मौत का कर्ज़ तुझ पे भारी है ज़िन्दगी तू नहीं हमारी है इश्क में [...]

दर्द पाओगे मुहब्बत का भरोसा न करो

ये बदल जायगी आदत का भरोसा न करो बैठ कर खाली इबादत का भरोसा न [...]

गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है

गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है काँटों में रहते [...]

तुम साथ हो तो वक्त भी क्या खास होता है

तुम साथ हो तो वक्त भी क्या खास होता है वरना कदम भी मील का [...]

रिश्ता माँ बेटी का

खुद माँ बन कर जाना माँ होने का अहसास माँ और ज्यादा [...]

आज परदा हटा दीजिये

आज परदा हटा दीजिये बात दिल की बता दीजिए कीजिये दूर दिल से [...]

केदारनाथ त्रासदी पर मेरे व्यथित मन के कुछ उद्गार

केदारनाथ त्रासदी के बाद यात्रा खुलने पर जब मेरा केदारनाथ [...]

बेटियाँ

पास रहती हमेशा नहीं बेटियाँ पर न माँ बाप को भूलतीं [...]

माँ

माँ जनम दिया तुमने हमें , दिखलाया संसार और लुटाया माँ सदा , [...]

एक पौधा बिटिया के नाम

जन्म हुआ जब बेटी का तब, इक पौधा लगवाया था उसको मुरझाने नहीं [...]

विजात छंद

सुनो माँ प्रार्थना मेरी न भटके भावना मेरी रहूँ बचकर बुराई [...]

काले मेघा जब तुम आना

काले मेघा जब तुम आना छत पर मेरी भी आ जाना अपनी शीतलता से कुछ [...]

हँसते हँसते जान भी, अपनी की कुर्बान

शत शत नमन हँसते हँसते जान भी, अपनी की कुर्बान राजगुरु [...]