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Author: राजेन्द्र कुशवाहा

राजेन्द्र कुशवाहा
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DOB - 12/07/1996 पता - मो.पो. - चीचली, जिला - नरसिंहपुर, तहसील - गाडरवारा, म. प्र. मोबाइल न. 7389035257 करना वहीं राजेन्द्र जो दुनिया को दिखाई दे। स्वरो को करना बुलंद इतने की लाखों मे सुनाई दे।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

होली

रुठे यारो के लिये पते की एक बात लाया हु। छोङा नहीं मैने सब एक [...]

अजनबी

दो पल मे ही जीने की खुशी दे गया वो। दिल से दिल लगाने की खुशी दे [...]

स्वच्छ करे गंगा जल को

$$ स्वच्छ करे गंगा जल को $$ रुखे बैठे जो भी यहा पर कलीयो [...]

खुबसूरत नजारे हैं

इतने खुबसूरत ये जो नजारे है। बताओ इन्हे कैसे संवारे है। जी [...]

सिसकीया लेकर मत रोने देना।

अकेला कभी मत होने देना । सिसकीया लेकर मत रोने देना । टुटकर [...]

जोश मिल गया

दुनिया को बदल कर रख दूगा वह जोश मिल गया मुझको । लहु उबाल भरेगा [...]

पण्य धरा

शुरवीरो की पुण्य धरा को यादो से आचमन करले। मात्र भूमि का [...]

सच्चाई से मिल गया हु

दुनिया की नज़र मे मै गुम गया हु। सच पुछो तो सच्चाई से मिल गया [...]

जिम्मेदारी

कदम ये चलते चलते रुक जाते हैं। जिम्मेदारीयो का बोझ उठाते [...]

सरफिरे

बीच सफर में मै खुद को रोक दू कैसे। सरफरो के हाथों जिंदगी सौंप [...]

घर

आधियो में दीपक जलाना आसान नही होता । दरिये मे तैर के जाना [...]