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Author: अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
Posts 64
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कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

*वसंत गीत* ”आ नूतन कर श्रृंगार उषा”

*गीत* कर हर्षित अब संसार उषा। आ नूतन कर श्रृंगार उषा। नभ [...]

सरस्वती वंदना

*गीतिका* भाव के शुचि पुष्प लेकर माँ खडे मैं द्वार पर। अब कृपा [...]

बेटी जो हँस दे तो कुदरत हँसती है।

*बेटिया* सामाजिक बगिया में, गुल सम रहती है। बेटी जो हँस दे [...]

नहीं क्यों आजमाया जो शिकायत है अभी बाकी।

             . *गजल* नहीं क्यों आजमाया जो शिकायत है अभी बाकी। नजर  [...]

तेरे आगोश ने दिलवर

तेरे आगोश  ने  दिलवर  मुझे  जीना  सिखाया  है। मैं   बेजां   था  [...]

ए- इंसान तेरे दिल में

ऐ- इंसान  तेरे  दिल  में  गुमान   क्यूँ   है। हकीकत- ए- जहान  से  [...]

दाग नफरत का

*मुक्तक* लिखे अल्फाज कुछ नम जिंदगी की इस कहानी में। बहे [...]

आँसू दो चार लिखने हैं।

*गीतिका* अभी भारत की' छाती पर कई उद्गार लिखने हैं। हृदय [...]

दीपावली

*गीतिका* जिंदगी में भरे प्यार दीपावली। हर्ष का सौम्य उपहार [...]

सुधा सिंधु से तर निकाली हो जैसे

*गीतिका* सुधा सिंधु से तर निकाली हो जैसे। शरद चाँदनी तुम [...]

देश भक्ति अब दिलों में झिलमिलाना चाहिए।

*गीतिका* देश में दीपक स्वदेशी जगमगाना चाहिए। लोभ से बचकर [...]

धर्म निभाता चल

*मुक्तक* सत्य अहिंसा प्रेम धर्म हैं मन से इन्हें निभाता [...]

रम्य भोर

*मुक्तक* चुनो जो पंथ अनुगम्य हो जाये। प्रेम से हर भूल [...]

जीवन के अंश

*मुक्तक* अस्तित्व हीन रहकर भी जो, आश्रय देने वाले [...]

बातें दिलों की

*मुक्तक* चांदनी रात - की अजनबी हो गयी। आज बातें दिलों की कहीं [...]

कृपया स्तुति

*मुक्तक* प्रेम पुंज करुणायतन, मुरलीधर चित- चोर। रूप राशि [...]

सैनिक

*मुक्तक* गद्दारियों के पद तले वे भेंट ही होते रहे। निज [...]

जी दुखता है

*लावणी छंद* जी दुखता है मरते देखा, जब जब सैनिक सीमा पर। धधक [...]

संतोष

*कुंडलिनी* वैभव पा कर क्या करे, जब है मृत्यु विराम। खा ले सुख [...]

दृग बाण से उर भेद कर

*गीतिका* दृग बाण से उर भेद कर पलकें झुका कर चल दिये। फिर से [...]

गीतिका

*गीतिका* उम्र बीतती जा रही, भज ले मुरलीधर। छोड जगत की चाकरी, [...]

हम खरी खरी बोले हैं

*मुक्तक* मन में कपट हाथ में औषधि, आडंबर के चोले हैं। बात [...]

नयन में उतर जाओ

*मुक्तक* नयन के द्वार से आकर मे'रे उर में उतर जाओ। महक बन प्रेम [...]

शिव वंदन

*मुक्तक* भोले तो निश्छल भावों के प्यासे हैं। सुमिरन से पावन [...]

सावन

*कुंडलिनी छंद* सावन आया देखकर, दादुर भरी छलांग। पोखर के तट [...]

जग को सजाने चला हूँ

जग सजाने चला हूँ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *गीतिका* दशा मैं हृदय की [...]

धरा

*मुक्तक* धधकती धरा धैर्य खोने लगी है। हृदय से कटुक आज [...]

सावन भादों जितना बरसे

*मुक्तक* व्याकुल प्रिय से मिलने को मन, करता है प्रभु से [...]

राष्ट्र बेल

*मुक्तक* राष्ट्र-बेल को ज्ञान-बल, प्रेम- नीर से सींच। कीडे जो [...]

श्रम की सार्थकता

*कुंडलिनी* कण कण मधु संचित किया, लेकर सतत पराग। मधुमक्खी का [...]