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Author: sushil yadav

sushil yadav
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

विरासत की जमीनों को ..सुशील यादव ..

बदल मेरे छत को भिगोने नहीं आते आसान से सदमो में रोने [...]

देख तुम्हारी सादगी ,

अपने-अपने दंभ को ,भूल-बिसर के आज शामिल होली में रहो ,जुड़ता [...]

सीने में लिखा नाम

सीने में लिखा नाम धुआँ-धुआँ है शहर में, हवा नही है मै जो बीमार [...]

उन दिनों ये शहर…..

उन दिनों ये शहर...... उन दिनों ये शहर बेतरतीब हुआ करता था मगर दिल [...]

अपोजीशन की होली ….

अपोजीशन की होली .... नत्थू,! इस देश में गलाकाट प्रतिस्पर्धा [...]

नन्द लाल छेड़ गयो रे

उस जमाने में नंदलालों को छेड़ने के सिवा कोई काम नहीं था [...]

तेरा,मेरा फेरा …..

छन्न पकैया छन्न पकैया ,दूभर है अब जीना एक उधर फागुन [...]

कोई दीवार तो ढूढ….

रोने की बात पर कहकहा लगा भाई समय के साथ ही निशाना लगा भाई [...]

छन्न पकैया ….

छन्न पकैय्या छन्न पकैय्या, चिर्पोटी बंगाला अमसुर होवत राज [...]

किताबों में दबे फूल का मौसम ..

रवानी खून में ,ख्यालो मे ललक नहीं है तेरी आँखों में पहले की [...]

पारस कहु ले लान के…. छतीसगढ़ी दोहे

लोकतंत्र के नाम ले ,पार डरो गोहार कुकुर ओतके भोकही ,जतके चाबी [...]

छत्तीसगढ़ी

लुलवा के हाथ म डफली तोतरा करा तुतरु हवय फस्करा के कब [...]

राजनीति के छल-कपट,

संग तुम्हारा छोड़ के,कहीं न जाती नाथ गठबन्धन निभती रहे [...]

तितली …सुशील यादव

ऐसी तितली वैसी तितली जाने कैसी-कैसी तितली --फूल-फूल का रस [...]

बात पहुचानी है सुशील जी ….2122, 2212, 2212,2122

आँख में आंसू, तलब का जखीरा ले के क्या करोगे हर किसी के आगे [...]

छतीसगढ़ी ::प्यास मरत हन ::

हमू ला कछु निशानी दे दो चुहके बर आमा चानी दे दो # मरत प्यास [...]

छतीसगढ़ी :: असल हमर चिन्हारी नइये ::सुशील यादव

हमर हाथ म रापा नइये, हमर हाथ कुदारी नइये तोर ठप्पा का [...]

जिसे सिखलाया बोलना…..2122 १२२२ 2212

चश्म नम और दामन तर होने लगा जिन्दगी सादगी से बसर होने लगा जो [...]

सोचती हूँ तुझे…..२१२२ १२२२ १२२२ २

~ सोचती हूँ तुझे सब ध्यान में रखती हूँ ये शराफत जतन से म्यान [...]

व्यंग :::मन रे तू काहे न धीर धरे

II मन रे तू काहे न धीर धरे II मेरा मन 8/11 के बाद जोरो से खिन्न हो [...]

व्यंग प्रभु मोरे अवगुण ….

व्यंग्य प्रभु मेरे अवगुण ..... / सुशील यादव वे प्रभु थे। .....सभी [...]

नोट की महिमा …..

नोट की महिमा जिन नोटन की बात करत हैं,उसकी महिमा अपरंपार [...]

बस ख़्याले बुनता रहूँ…………सुशील यादव

बस ख़्याले बुनता रहूँ............सुशील यादव अँधेरे में दुआ करूँ, ऐ [...]

आम आदमी …..

221 1221 1221 122 आम आदमी ..... हमने तुमको नोट बदलते नहीं देखा काले-उजले [...]

खिले-खिले फूल ….. नींद में कोई चल के देखे काले…

खिले-खिले फूल ..... नींद में कोई चल के देखे काले नोट बदल के देखे [...]

तिनका- तिनका …..

तिनका तिनका ` तिनका-तिनका तोड़ के ,रख देता है आज बस्ती दिखे अकड़ [...]

मन भीतर क्या झांकता ,

ज्ञान जला तन्दूर मंजिल तेरी पास है ,ताके क्यूँ है दूर चुपड़ी [...]

क्या खोया क्या पाया ….

क्या खोया क्या पाया .... कुनबा सभी गया बिखर,बनता तिनका जोर एक [...]

उतरा दिखे गुरूर …..

Dohe कॉलर नही कमीज में,पेंट नही है जेब नँगा होने तक रचो,कोई नया [...]

सामयिक ,,,,,सायकिल छाप दोहे

सायकिल छाप दोहे आज आदरणीय परम,रूठ गए हैं आप लायक अपने पूत से [...]