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Author: Pradipkumar Sackheray

Pradipkumar Sackheray
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Pr@d!pkumar $ackheray (The Versatile @rtist) : - Writer/Poet/Lyricist, Mimicry Artist, Anchor, Singer & Painter. . .

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गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

“तु…”

तु मेरी मोशिकी, तु ही मेरी धुन दिल कोयल कुँहके तु भी सुन मैं [...]

. . . मेरी इक गज़ल

ऐ मेरी ज़ानु , मैं क्यां ज़ानु ? तु युं हसती क्यूं हैं ? गैर [...]

. . . और मेरी इक गज़ल

उस बेख़बर को अब ये ख़बर नहीं हैं । इस बेसबर को ज़िने में सबर [...]

. . . और भी इक मेरी गज़ल

झुठी - फ़रेबी तारिफ़ों से ख़ुश वो होने लगी । अंज़ाने , मुझसे [...]

“. . . हाल गये ।”

( यह हास्य गज़ल हैं , इसमें इक तोतला प्रेमी अपने प्रेमिका से [...]

…और मेरी इक गज़ल…

उस बेख़बर को अब ये ख़बर नहीं हैं । इस बेसबर को ज़िने में सबर [...]

…मेरी इक गज़ल…

ऐ मेरी ज़ानु , मैं क्यां ज़ानु ? तु युं हसती क्यूं हैं ? गैर [...]

“बिटियाँ . . .”

रब का अनमोल वरदान बिटियाँ हैं | ज़ैसे की, तुफ़ान से टकराता [...]