साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: वेदप्रकाश रौशन

वेदप्रकाश रौशन
Posts 3
Total Views 126
हिंदी का उपासक, सहित्य प्रेमी । सांस्कृतिक बचाव के लिए एक छुपा हुआ छोटा सा कलम का पूजारी । विभिन्न विधाओं में रूचि के अनुसार लेखन करता हूँ । लेख तथा कहानी विशेष तौर से लिखना पसंद करता हूँ ।।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

एक अधूरा ख्वाब…

वो भी क्या पल थे जिसमें, मेरा हर शाम तेरे नाम था, मैं तुम्हें [...]

माँ ……

माँ... माँ जीवन का आगाज़ है, माँ एक जीने का अंदाज़ है| माँ... माँ [...]

पैसे का मोल

पैसा,वाह रे पैसा ! लोग पुछते नहीं है हाल, बेहाल होने पर गैर भी [...]