_इलाहाबाद

NIRA Rani

रचनाकार- NIRA Rani

विधा- कविता

इलाहाबाद की मिट्टी की खुशबू कुछ खास है
क्यूंकि यहॉ गंगा जमुना सरस्वती का वास है
लेटे हनुमान जी की महिमा अपार है
तभीतो गंगा जी उनके चरण छूने को बेकरार है
सब तरफ फैली एक खूबसूरत मिठास है
क्यूकि सबके दिलों मे प्यार की सौगात है
खाने की चीजों की लाजवाब बयार है
क्युकि हर तरफ जायकेदार बाजार
नेतराम की कचौरी हो या निराला की चाट हो
भगवानदास की मिठाई हो या कोई भी हलवाई हो
सबका अपना एक अलग अंदाज
सिविल लाइंस का चुरमुरा भी लाइन लग कर बिकता है
उसका चटखारा भी दूर दूर तक दिखता है
काफी हाउस मे राजनीतिक सरगर्मी है
तो एलचिको मे अजब गहमा गहमी है
चौक बाजार हे या तो खुल्दाबाद हो
क्या कहे यही तो इलाहाबाद है
जो सचमुच खासम खास है

Sponsored
Views 34
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
NIRA Rani
Posts 63
Total Views 2.5k
साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं .बस भावनाओ मे भीगे लभ्जो को अल्फाज देने की कोशिश करती हूं ...साहित्यिक परिचय बस इतना की हिन्दी पसंद है..हिन्दी कविता एवं लेख लिखने का प्रयास करती हूं..

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia